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बहादुरपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली मनोरमा नदी इन दिनों बदहाली, प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह नदी, जो धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है, वर्तमान में चिंताजनक स्थिति में है। ऐसी मान्यता है कि इसी पवित्र तट पर भगवान श्रीराम के जन्म के लिए महर्षियों ने पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराया था। हालांकि, आज नदी में गंदगी, अतिक्रमण और साफ-सफाई के अभाव ने इसकी पवित्रता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। स्थानीय नागरिकों जगदीश, विनोद, विजय, वीरेंद्र, महेंद्र, विपिन और महेश ने बताया कि लुंबनी-दुद्धी मार्ग पर एक्सडा के पास स्थित मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार के बाद लोग मनोरमा नदी में स्नान करते हैं। नदी की अत्यधिक गंदगी और बदहाल स्थिति के कारण यहां स्नान करना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इन नागरिकों ने प्रशासन से नदी की नियमित सफाई, घाटों के विकास और प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने मनोरमा नदी के संरक्षण, सफाई अभियान चलाने और घाटों की व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया है, ताकि नदी की धार्मिक गरिमा और स्वच्छता दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।
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बहादुरपुर में मनोरमा नदी प्रदूषण का शिकार:धार्मिक आस्था पर मंडराया संकट, स्थानीय लोग चिंतित
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