कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में नगर निगम को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। विधान उपाध्याय, जो आसनसोल नगर निगम के मेयर हैं, अपने मेयर परिषद सदस्यों और पार्षदों के साथ पश्चिम बर्दवान की जिलाधिकारी एस पोन्नमबलम के कार्यालय पहुंचे और हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर सुरक्षा की मांग की।
डीएम श्री पोन्नमबलम ने कहा कि उनको निगम के मेयर विधान उपाध्याय की शिकायत मिली है। मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी। मेयर विधान उपाध्याय ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि एक सरकारी कार्यालय में, वह भी मेयर परिषद के सदस्यों की मौजूदगी में इस तरह की तोड़फोड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है, जिससे निगम के निर्वाचित प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल कर सरकार बनाई हो, लेकिन आसनसोल नगर निगम का बोर्ड फरवरी 2027 तक वैध है और उसे नजरअंदाज कर इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह अनुचित है। मेयर ने कहा कि इस मामले को जिलाधिकारी के समक्ष सभी तथ्यों को रखा गया, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
घटना के विरोध में संबंधित लोगों के खिलाफ आसनसोल दक्षिण थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर को भी नुकसान पहुंचाया गया और निगम कार्यालय के लोगो को भी तोड़फोड़ की गयी।
मेयर ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात की गई है और निगम के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।












