Home Blog Page 14

अब तो भारत आना तय! नीरव मोदी को बड़ा झटका, प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज

लंदन हाई कोर्ट ने बुधवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। नीरव मोदी ने भारत में अपने प्रत्यर्पण के मामले को फिर से खोलने की मांग की थी लेकिन अब उन्हें बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी को भारत में 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में प्रत्यर्पित किया जाना है। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन का दरवाजा खटखटाया था।

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम की सहायता से उसकी याचिका के खिलाफ दलीलें पेश कीं। जांच अधिकारियों सहित सीबीआई अधिकारियों की एक टीम सुनवाई के लिए लंदन गई थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिका में बताए गए हालात इतने मजबूत नहीं थे कि पहले के प्रत्यर्पण आदेश पर दोबारा विचार किया जाए। इस आदेश के बाद अब नीरव मोदी के लिए यह कानूनी रास्ता भी बंद हो गया है।

यह भी पढ़ें: ‘भारत दलाल देश नहीं हो सकता’, सर्वदलीय बैठक में बोले विदेश मंत्री

CBI ने क्या बताया?

सीबीआी की एक स्पेशल टीम इस मामले में सुनवाई के लिए लंदन गई थी। सीबीआई की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘हथियार कारोबारी संजय डारी मामले में आए फैसले के आधार पर मामले में दोबारा सुवाई शुरू करने की अर्जी दायर की गई थी। हालांकि, सीबीआई के निरंतर प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।’

सीबीआई की प्रवक्ता ने बताया कि मोदी की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिका और उससे संबंधित परिस्थितियां इतनी असाधारण नहीं थीं कि मामले में दोबारा सुनवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘सीबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महत्वपूर्ण वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, और इस मामले में कार्यवाही 2018 से जारी है।’

नीरव मोदी की याचिका खारिज कर चुका है कोर्ट

CBI 2018 से ही मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, क्योंकि वह एक सरकारी बैंक से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले में शामिल था। सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन की अदालतों ने 2019 में मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी और उसकी पिछली अपीलों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि अदालतों को कोई कानूनी खामी नहीं मिली और भारत में उसके साथ किए जाने वाले व्यवहार के संबंध में दिए गए आश्वासनों को स्वीकार कर लिया गया था।

याचिका में क्या कहा?

इस मामले में एक अधिकारी ने कहा, ‘ एक अस्थायी कानूनी बाधा ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी की लेकिन इसे अगस्त 2025 में हटा दिया गया। नीरव मोदी ने संभावित दुर्व्यवहार के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए और यह सवाल उठाया कि क्या भारतीय अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। उसने इसके साथ ही मामले पर दोबारा सुनवाई के लिए आवेदन किया था।’

यह भी पढ़ें: आज का मौसम: कश्मीर से कन्याकुमारी तक बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

क्या हैं आरोप?

नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर सरकारी बैंक पीएनबी के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। अकेले नीरव मोदी पर ही 6 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी का आरोप है। सीबीआई की प्रवक्ता ने बताया कि नीरव मोदी एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी है, जिस पर भारत में अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पीएनबी को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी ने अकेले ही 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इसी मामले में नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से गिरफ्तार है।

‘भारत दलाल देश नहीं हो सकता’, सर्वदलीय बैठक में बोले विदेश मंत्री

ईरान युद्ध की वजह से देश में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ चिंताओं को लेकर मंथन किया। इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया और युद्ध में भारत की भूमिका को लेकर बातें साफ कीं।

सरकार ने बैठक में इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलिए बनने का ऑफर देकर अपनी कूटनीति का फायदा उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान झगड़ों में खुद को शामिल करने में माहिर रहा है।

यह भी पढ़ें: ‘चंद कुर्सी के कीड़े पूरी दिल्ली खा गए’, रहमान डकैत से केजरीवाल की तुलना

जयशंकर ने कहा क्या?

जयशंकर ने सरकार की तरफ से बैठक में कहा, ‘भारत दलाल देश नहीं हो सकता।’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बातचीत में उनसे कहा था कि युद्ध से सभी को नुकसान हो रहा है और ट्रंप पर इस झगड़े को जल्दी सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया था।

पश्चिमी एशिया में जगह बना रहा है पाकिस्तान?

क्या पाकिस्तान पश्चिमी एशियाई देशों के बीच अपनी जगह बना रहा है? इसपर विदेश मंत्री जयशंकर ने याद दिलाया कि वह 1971 में चीन और अमेरिका के बीच और फिर 1981 में अमेरिका और ईरान के बीच भी बिचौलिया की भूमिका में था।

यह भी पढ़ें: LPG छोड़ PNG में शिफ्ट हुए 2.20 लाख लोग, राज्यों को दिया जा रहा मिट्टी का तेल

ईरान के साथ भारत के रिश्ते

उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा करने के लिए हर तरह से काम करता है। जयशंकर ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ईरान के साथ उसके अच्छे रिश्ते बने हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-ईरान बातचीत के फॉर्मेट और भविष्य के बारे में ज्यादा साफ जानकारी नहीं है और इस बात पर भी पक्का नहीं है कि ईरान की तरफ से कौन बातचीत करेगा।

सर्वदलीय बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद भवन में हुई। कांग्रेस की तरफ से सांसद मुकुल वासनिक, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, एनसीपी की सुप्रिया सुले और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत आदि विपक्षी सांसद शामिल हुए। इसमें सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हिस्सा लिया।

हनुमान जी की तस्वीर पवित्र स्थान पर लगाना शुभ रहता है

News Desk

सनातन धर्म वास्तु और ज्योतिष की मानी जाए तो किसी भी प्रकार की तस्वीर या मूर्ति को घर में रखने से पहले कुछ बातों का जानना बहुत ज़रूरी है।वास्तु और ज्योतिष के साथ-साथ हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में भी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं को रखने से चमत्कारी प्रभाव देती हैं। इसलिए शास्त्रों में इनकी प्रतिमाओं और तस्वीरों को रखने के बहुत से महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाने से सभी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।हनुमान जी की तस्वीर का महत्व और उससे जुड़े कुछ वास्तु नियम-
शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और इसी वजह से उनकी तस्वीर बेडरूम में न रखकर घर के मंदिर में या किसी अन्य पवित्र स्थान पर रखना शुभ रहता है।
वास्तु वैज्ञानिकों के अनुसार हनुमान जी का चित्र दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए क्योंकि हनुमान जी ने अपना प्रभाव अत्यधिक इसी दिशा में दिखाया है जैसे लंका दक्षिण में है, सीता माता की खोज दक्षिण से आरंभ हुई, लंका दहन और राम-रावण का युद्ध भी इसी दिशा में हुआ। दक्षिण दिशा में हनुमान जी विशेष बलशाली हैं।
इसी प्रकार से उत्तर दिशा में हनुमान जी की तस्वीर लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली हर नकारात्मक शक्ति को हनुमान जी रोक देते हैं। वास्तु अनुसार इससे घर में सुख और समृद्धि का समावेश होता है और दक्षिण दिशा से आने वाली हर बुरी ताकत को हनुमान जी रोक देते हैं।
जिस रूप में हनुमान जी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हों ऐसी तस्वीर को घर में लगाने से किसी भी तरह की बुरी शक्ति प्रवेश असंभव है।

वास्तु के अनुरुप रखें सामान

News Desk

हर कोई घर में सुख-शांति और धन चाहता है और इसके लिए लोग कई उपाय करते है। कुछ लोग पूजा-पाठ, हवन तो कुछ घर वास्तु के अनुसार बनवाते हैं। वहीं वास्तु के अनुसार अगर आप घर में कुछ चीजें दिशा के अनुसार रखते हैं तो इसका भी असर आपके जीवन पर पड़ता है।
जानते हैं वास्तु से जुड़ी कुछ बातें:
1 ड्रेसिंग टेबल के साथ दर्पण पूर्व या उत्तर की दीवारों पर होना चाहिए।
2 अलमारी शयन कक्ष के उत्तर पश्चिमी या दक्षिण की ओर होनी चाहिए। टीवी, हीटर और एयर कंडीशनर दक्षिण पूर्वी दिशा के कोने में स्थित होना चाहिए।
3 पढ़ने और लिखने की जगह पूर्व या शयन कक्ष के पश्चिम की ओर होनी चाहिए जबकि पढ़ाई करते समय मुंह पूर्व दिशा में होना चाहिए।
बेडरूम में सेफ या तिजोरी दक्षिण की दीवार के साथ रखनी चाहिए। खुलते समय उसका मुंह उत्तर की तरफ खुलना चाहिए। इससे धन में कमी नहीं आएगी।
4 दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम कोना कभी खाली नहीं रखना चाहिए।
5 बेडरूम के साथ लगता बाथरूम, कमरे के पश्चिम या उत्तर में होना चाहिए।
6 सोते समय एक अच्छी नींद के लिए सिर पूर्व या दक्षिण की तरफ होना चाहिए।

आज का मौसम: कश्मीर से कन्याकुमारी तक बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

एक बार फिर मौसम खराब होने के संकेत मिल रहे हैं और मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बीते 24 घंटों में कुछ जगहों पर ही हल्की बारिश हुई लेकिन अगले 24 घंटों में कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है। 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है जिसका असर देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कहीं बारिश तो कहीं तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। उत्तर भारत से पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत तक आज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटे मौसम साफ रहा और आसमान में सूरज चमकता रहा। मौसम विभाग ने पूरे एक हफ्ते का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार, 27 मार्च को हल्की बारिश के अलावा 20-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद शनिवार यानी 28 मार्च को फिर मौसम थोड़ा साफ होगा और हल्के बादल छाए रहेंगे। 29 और 30 मार्च को एक बार फिर हल्की बारिश हो सकती हैं। मार्च के शुरुआत में बढ़ी गर्मी से इस बारिश से राहत मिलेगी। इसके साथ ही दिल्ली वालों को लंबे समय बाद प्रदूषण से भी राहत मिलने की संभावना है।

यह भी पढ़ें: RG कर की पीड़िता की मां को टिकट, 2 विधायकों का कटा पत्ता; BJP की तीसरी लिस्ट

आज का मौसम

इन राज्यों में होगी बारिश

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 27 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। 29 और 30 मार्च को कुछ जगहों पर आंधी और तेज तूफानी हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की इस चेतावनी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। फसल की कटाई के समय इस तरह के मौसम से किसानों को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है।

पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिनों तक मौसम बदला रहेगा। 27 मार्च को काले बादल छाने और तेज 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, ओडिशा, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, मेघालय, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के हिस्सों पर आंधी-तूफान और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ओले गिरने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

हिमाचल और कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही आज उत्तराखंड में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। 27 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और 30-50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 28 से 30 मार्च के बीच फिर से बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यह भी पढ़ें: FD से 150 करोड़ की रकम गायब, कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा मामला; FIR दर्ज

मध्य भारत और दक्षिण भारत का मौसम

मौसम का मिजाज कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश में बदल रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दक्षिण भारत में भी मौसम परेशानी बढ़ा सकता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। केरल में 27 से 29 मार्च के बीच बिजली चमकने और बारिश का असर रहेगा।

इसके अलावा मध्य भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी 29 मार्च तक हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा। वहीं महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूरी होती है मन्नत, कहां हैं ये अनोखे मंदिर?

देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां की पूजा की परंपरा अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान मंदिर में स्वास्तिक बनाना शुभ और मंगलकारी होता है। स्वास्तिक को समृद्धि, सौभाग्य और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि सीधा स्वास्तिक बनाना बेहद शुभ होता है लेकिन भारत में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है। यह पूजा परंपरा सामान्य पूजा परंपरा से बेहद अलग और अनोखी है।

भारत में कुछ प्राचीन मंदिर हैं जहां श्रद्धालु उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा करने की अनोखी और विशिष्ट परंपरा निभाते हैं। इन मंदिरों में भक्त अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए दीवारों पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं फिर मनोकामना पूरी होने के बाद उसी उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। अब सवाल उठता है कि कौन-कौन से मंदिर हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है और इसके पीछे क्या रहस्य है।

यह भी पढ़ें: कम पैसे में कैसे करें बद्रीनाथ धाम की यात्रा? तरीका जानिए

मध्य प्रदेश के भैंसवा माता मंदिर, उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर और मथुरा के गरुड़ गोविंद मंदिर जैसे मंदिरों में भगवान की आराधना उल्टा स्वास्तिक बनाकर की जाती है। इन मंदिरों में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।

भैंसवा माता का मंदिर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक गांव में भैंसवा माता का मंदिर स्थित है। यह मंदिर सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है, जहां लाखों श्रद्धालु संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने आते हैं। इस मंदिर में निसंतान दंपत्ति उल्टा स्वास्तिक बनाकर संतान प्राप्ति की मनोकामना भैंसवा माता के समक्ष रखते हैं।

यह भी पढ़ें:900 से अधिक मंदिरों का पहाड़, लेकिन सूरज ढलते ही क्यों छा जाता सन्नाटा?

मनोकामना के साथ ही मंदिर की दीवार पर भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। उल्टा स्वास्तिक बनाने का अर्थ होता है कि भक्त की इच्छा अधूरी है। भैंसवा मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है, उसकी कामनाएं एक महीने के भीतर पूरी हो जाती हैं। जिन भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती है, वे माता के मंदिर में फिर आते हैं और धन्यवाद रूप में दीवार पर बने उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने के बाद दंपत्ति मंदिर में बच्चों के पालने भी चढ़ाते हैं। इसी वजह से मंदिर में आज भी जगह-जगह पालने टंगे हुए देखे जा सकते हैं।

चिंतामण गणेश मंदिर

यह मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। चिंतामण गणेश मंदिर का निर्माण लगभग 1700 ईस्वी के आसपास हुआ था। इस मंदिर में भगवान गणेश के साथ उनकी दोनों पत्नियां रिद्धि और सिद्धि की पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर की मान्यता है कि भक्त जो भी मनोकामना मांगते हैं, भगवान की कृपा से वह पूरी हो जाती है।

चिंतामण गणेश मंदिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक जो भी भक्त अपनी समस्या, परेशानी या इच्छा लेकर आता है, वह अपनी इच्छा पूरी कराने के लिए मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाता है। जब भक्त की मनोकामना पूरी हो जाती है, तब वह मंदिर आकर उसे सीधा करता है। हालांकि, यह भी मान्यता है कि जो भक्त मनोकामना पूर्ण होने के बाद मंदिर आकर स्वास्तिक सीधा नहीं करता, उसकी इच्छा अधूरी रह जाती है।

यह भी पढ़ें:नेपाल के ‘विदेशी देवता’, कैसे बन गए उत्तराखंड के स्थानीय भगवान?

गरुड़ गोविंद मंदिर

गरुड़ गोविंद मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है। इस मंदिर में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस मंदिर में स्वास्तिक बनाते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

मथुरा के गरुड़ गोविंद मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने के पीछे मुख्य कारण मनोकामना पूर्ति की अटूट आस्था है। भक्तगण मन्नत मांगते समय दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और इच्छा पूरी होने के बाद दोबारा आकर उसे सीधा करते हैं। इस प्रक्रिया को भगवान विष्णु के सामने अपनी प्रार्थना रखने और धन्यवाद देने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

डिस्क्लेमर- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

ईरान से पारसियों के अनोखे मंदिर में 1300 साल से जल रही आग, इसी की होती है पूजा

ईरान से अपनी जान बचाकर भारत आए पारसी समुदाय के मंदिर दुनिया के सबसे रहस्यमयी और पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माने जाते हैं, जहां सदियों से एक ‘पवित्र अग्नि’ बिना बुझे जल रही है। इन मंदिरों को ‘अगियारी’ या ‘आतिश बेहराम’ कहा जाता है और इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी मूर्ति की नहीं बल्कि साक्षात् अग्नि की पूजा होती है। गुजरात के उडवाड़ा में बना ‘ईरानशाह आतिश बेहराम’ भारत का सबसे खास पारसी मंदिर है क्योंकि माना जाता है कि यहां जल रही आग वही है जिसे पारसी लोग करीब 1300 साल पहले ईरान से अपने साथ चिंगारी के रूप में लेकर आए थे।

पारसी समुदाय का इतिहास सिर्फ गुजरात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत में भी इनकी विरासत बहुत पुरानी है। सिकंदराबाद के महात्मा गांधी रोड पर स्थित सेठ विक्काजी–सेठ पेस्टनजी मेहरजी मंदिर दक्षिण भारत का सबसे पुराना पारसी मंदिर है, जिसे 1847 में बनाया गया था।

यह भी पढ़ें: 18 या 19, कब से शुरू हो रही है नवरात्रि? सही तारीख जान लीजिए

इसके ठीक सामने शहर का सबसे युवा मंदिर खान बहादुर एदुलजी सोहराबजी चेनाई अंजुमन दर-ए-मेहर स्थित है, जिसने साल 2020 में अपने 100 साल पूरे किए हैं। हैदराबाद के आबिड्स इलाके में साल 1904 में बना बाई मानेकजी नसरवानजी चेनॉय दर-ए-मेहर तीसरा मुख्य मंदिर है, जो उस समय वहां रहने वाले पारसी लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था।

हजारों साल से जल रही पवित्र आग

इन मंदिरों में जलने वाली आग को सिर्फ साधारण आग नहीं बल्कि ईश्वर का नूर माना जाता है। उडवाड़ा के मंदिर में मौजूद विजयी अग्नि को तैयार करने के लिए प्राचीन समय में 16 अलग-अलग स्नोतों से आग इकट्ठा की गई थी, जिसमें आसानी बिजली से लगी आग भी शामिल थी। मंदिर के दस्तूर यानी पुजारी दिन में पांच बार खास मंत्रों के साथ इस अग्नि की सेवा करते हैं और इसमें चंदन की सूखी लकड़ियां अर्पित की जाती हैं। यह आग कभी बुझने नहीं दी जाती क्योंकि इसे पारसी संस्कृति की जीवंत आत्मा माना जाता है।

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये 5 प्यारे मैसेज

मंदिर के कड़े नियम और स्वच्छता

पारसी मंदिर में प्रवेश करने के नियम बहुत सख्त होते हैं और यहां स्वछता का स्तर बहुत ऊंचा होता है। मंदिर के मुख्य हिस्से में सिर्फ पारसी समुदाय के लोगों को ही जाने की इजाजत होती है ताकि वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता बनी रहे। अंदर जाने से पहले श्रद्धालु अपने हाथ-मुंह धोते हैं और सिर को टोपी या रुमाल से ढकना जरूरी होता है। मंदिर के अंदर कोई शोर-शराबा नहीं होता और भक्त शांत मन से पवित्र अग्नि की ओर मुख करके अपनी दुआएं मांगते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

औषधि स्नान ग्रहों के दुष्प्रगभाव को कम करें

News Desk

ग्रहों की स्थिति का आपके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर यह अनुकूल होते हैं तो आपके जीवन में सब कुछ अच्छा् चलता है। ग्रहों की दशा बदलने पर व्य़क्ति को अमीर से गरीब और राजा से रंक बनने में देर नहीं लगती। आज हम आपको बता रहे हैं औषधि स्नाकन के माध्यलम से 9 ग्रहों के दुष्प्रमभाव को कम करने के उपाय…
सूर्य के दुष्प्रिभाव को कम करने के लिए
इलाइची, केसर एपवं गुलहठी, लाल रंग के फूल मिश्रित जल द्वारा स्नागन करने से सूर्य के दुष्प्रिभाव कम होते हैं।
चंद्र की पीड़ा के निवारण के लिए
सफेद चंदन, सफेद फूल, सीप, शंख और गुलाब जल मिश्रित पानी से नहाने से आपकी राशि पर चंद्र के दुष्प्रनभाव कम होते हैं।
ऐसे दूर कर सकते हैं मंगल की पीड़ा
लाल चंदन, लाल फूल, बेल वृक्ष की छाल, जटामांसी, हींग मिश्रित जल से नहाने से मंगल ग्रह के दुष्प्रिणों को भी कम किया जा सकता है।
बुध की कृपा ऐसे कर सकते हैं प्राप्त।
अगर आप चाहते हैं कि आप पर बुध की कृपा दृष्टि बनी रहे तो आपको अपने स्नाेन के जल में अक्षत, जायफल, गाय का गोबर मिश्रित करके स्नातन करना होगा।
गुरु के दुष्प्रदभाव ऐसे करें दूर
सफेद सरसों, दमयंती, गूलर और चमेली के फूल मिलाकर स्नामन करने से आप पर गुरु के दुष्प्रिभावों का असर बहुत कम होता है।
शुक्र को ऐसे कर सकते हैं प्रसन्नफ
शुक्र को आपके वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। शुक्र को खुश रखने से आपका वैवाहिक जीवन सदैव खुशहाल रहता है। इसके लिए बस आपको अपने स्नारन के जल में जायफल, मैनसिल, केसर, इलाइची और मूली के बीज मिलाकर नहाना होगा। ऐसा करने से शुक्र ग्रह के दुष्प्ररभाव दूर हो सकते हैं।
शनि ग्रह के प्रकोप से ऐसे बचें
शनि को न्याहय के देवता का सम्मा्न प्राप्त् है। यह व्याक्ति को उसके कर्म के अनुरूप परिणाम देते हैं। अत: हमको अपने कर्म तो दुरुस्तभ रखने ही चाहिए साथ ही कुछ विशेष चीजों को स्नाबन के जल में मिलाकर नहाने से आप शनि के दुष्प्रणभावों से दूर रह सकते हैं। इन चीजों में सरसों, काले तिल, सौंफ, लोबान, सुरमा, काजल आदि शामिल हैं।
राहु की पीड़ा ऐसे कर सकते है दूर
इसके लिए आप स्नाशन औषधि के रूप में लोबान, कस्तूवरी, गजदंत आदि सामग्री से मिश्रित जल से स्ना न करके राहु की पीड़ा को दूर कर सकते हैं।
केतु की पीड़ा ऐसे करें दूर
लाल चंदन और छाग मूत्र मिश्रित जल से स्ना न करके आप केतु के दुष्प्रगभावों को अपने आप खत्मस कर देंगे।

एयर फ्रायर या माइक्रोवेव में बना खाना सेहत के लिए कितना नुकसानदायक है?

ईरान में अमेरिका और इजरायल की तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। इस युद्ध का प्रभाव भारत में भी देखने को मिल रहा है। देश में एलपीजी गैस का संकट बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव रेस्टोरेंट बिजनेस पर पड़ा है।

लोगों को एलपीजी गैस महंगे दाम पर मिल रहा है। इस वजह से लोग गैस की जगह अन्य विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं। लोग इंडक्शन, माइक्रोवेव, ओवन और एयरफायर जैसी उपकरणों पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहे हैं। ये सभी उपकरण बिजली से चलते हैं। ये चीजें खाने को हाई हीट पर बनाती है। क्या आपने कभी सोचा है कि इसमें पकाया जाने वाला खाना सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है?

यह भी पढ़ें: सेलेब्स रोज-रोज पहनते हैं डिजाइनर कपड़े, उन कपड़ों का बाद में क्या होता है?

कितना हेल्दी है माइक्रोवेव में खाना बनना?

माइक्रोवेव का इस्तेमाल ज्यादातर बेकिंग और खाने को गरम करने के लिए करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक माइक्रेवेव में पका खाना सेहत के लिए हानिकारक नहीं होता है। हालांकि कुछ रिसर्च में ऐसे दावा किया गया है कि माइक्रोवेव से निकलने वाला रेडिएशन खाने की पौष्टिकता को कम कर देता है।

माइक्रोवेव में खाना गरम करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा कांच के बर्तन में खाना गर्म करें। कभी भी प्लास्टिक या अन्य बर्तन का इस्तेमाल न करें। अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो कोई नुकसान नहीं होता है।

खाने को बार-बार गरम ने करें

ओवन में खाने को बार-बार गरम करने की गलती न करें। कई बार खाना ऊपर से गरम और अंदर से ठंडा रह जाता है। इसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप पहले से रखें खाने को बार-बार गरम करते हैं तो फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान

कभी भी स्टील का बर्तन माइक्रोवेव में न रखें।
किसी बर्तन का ढक्कन बंद करके माइक्रोवेव में न रखें।
माइक्रोवेव में खाना पकते हुए न छोड़ें।
माइक्रोवेव फ्रेंडली कंटेनर का ही इस्तेमाल करें।
माइक्रोवेव की नियमित रूप से सफाई जरूरी करें।

यह भी पढ़ें: बिना सोचे-समझें न लें वजन घटाने की GLP-1 ड्रग, डॉक्टर से जानें खतरा

क्या एयर फ्रायर में खाना पकाना हानिकारक है?

एयर फ्रायर की बात करें तो इसमें खाना बहुत कम तेल में पकाया जाता है। इसमें आपको कम कैलोरी में डीप फ्राइंग वाला स्वाद मिलेगा। इसे आमतौर पर हेल्दी माना जाता है। अगर आप खाने को बहुत अधिक तापमान में पकाते हैं तो उसमें कुछ हानिकारक केमिकल बन सकते हैं।

कर्ज से बचने करें ये काम

News Desk

पूरे दिन जाने-अनजाने हमसे ऐसे कई कार्य हो जाते हैं, जिनके प्रभाव के बारे में बाद में पता चलता है। शास्त्रों में बताया गया है कि सही समय पर सही कार्य करने से ना सिर्फ भगवान की कृपा मिलती है बल्कि आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होती है। वहीं कुछ काम ऐसे हैं, जिन्हें भूलकर भी सुबह और शाम के समय नहीं करना चाहिए। इन्हें करने से पैसा और तरक्की दोनों का नाश होता है। यहां जानिए, सुबह शाम कौन से कार्य नहीं करने चाहिए…
नाराज हो जाती हैं मां लक्ष्मी
तुलसी के पत्तों को भूलकर भी शाम के समय नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। पूजा के लिए सुबह ही पत्ते तोड़कर रख लें। शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने से आर्थिक स्थिति कमजोर होने लगती है।
दरिद्रता का होता है वास
शास्त्रों के अनुसार, शाम के समय घर की साफ-सफाई नहीं करनी चाहिए। भूलकर भी घर का कूड़ा शाम को बाहर नहीं फेकना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाएगी। साथ ही घर में दरिद्रता का वास होने से आप पर कर्ज बढ़ सकता है।
भगवान की नहीं होती कृपा
शाम के समय कभी भी नहीं सोना चाहिए, ऐसा करने से पाप लगता है। सुबह और शाम का समय पूजा-ध्यान करने का है। जो लोग इस समय सोते हैं, उन पर भगवान की कृपा नहीं रहती है। हां, बीमार लोग और बच्चे इस नियम से बाहर होते हैं।
इस दिन करें धन का लेन-देन
धन से संबंधित कोई भी कार्य करना हो तो आप सोमवार या बुधवार को करें। इन दिनों में किया गया धन का लेन-देने फायदेमंद माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से कर्जा धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।
इस दिन करें व्रत
लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए सुहागिन महिलाओं को गुरुवार का व्रत करने से लाभ होता है। इस दिन किसी गरीब महिला को सुहाग की सामग्री दान देने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लग जाएंगी।
इससे निशान न बनने दें
घर की दीवारों या फर्श पर पेंसिल या चॉक आदि का निशान न बनाने दें। ऐसा माना जाता है कि दीवार और फर्श पर बनी ये रेखाएं घर में नकारात्मकता को बढ़ाती है, जिससे आर्थिक तरक्की बाधित होती है और कर्ज बढ़ने की संभावना रहती है।
रूठ जाती है लक्ष्मी
घर में सुबह की गतिविधियों की शुरुआत झाड़ू लगाने के बाद ही करनी चाहिए। जैसे, पूजा करना, नाश्ता करना। घर में झाड़ू लगा देने से रातभर की नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है। घर में ताजगी का माहौल बनता है, जिससे परिवार के लोग उर्जावान रहते हैं और हर तरह की तरक्की के लिए ऊर्जा ही तो चाहिए।

26 मार्च की महाअष्टमी, आज किस पर बरसेगी माता महागौरी की कृपा? जानिए

26 मार्च 2026 गुरुवार का दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के प्रभाव में रहेगा। आज का मूलांक 8 है, जिसका स्वामी शनि देव को माना जाता है, जो अनुशासन, न्याय और कर्म प्रधानता का प्रतीक हैं। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक चंचलता और संचार कौशल में वृद्धि होगी। सूर्य और बुध की मीन राशि में उपस्थिति बौद्धिक कार्यों के लिए गहराई प्रदान कर रही है, जबकि गुरु की स्थिति आज के दिन को ज्ञान और विस्तार की ऊर्जा से भर रही है।

आज की समग्र ऊर्जा कर्म और भाग्य के संतुलन को दर्शाती है। गुरुवार का दिन होने के कारण बृहस्पति देव की कृपा रहेगी, जो विशेष रूप से शिक्षा, परामर्श और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लाभदायक है। मूलांक 8 का प्रभाव आज आपको अपने कार्यों के प्रति अधिक गंभीर और जिम्मेदार बनाएगा। चंद्रमा का मिथुन में जाना नए विचारों और नेटवर्किंग के लिए द्वार खोलेगा, जिससे व्यापारिक वार्ताएं सफल होने की संभावना है। यह दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो लंबे समय से किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

यह भी पढ़ें: कम पैसे में कैसे करें बद्रीनाथ धाम की यात्रा? तरीका जानिए

आपके भाग्य में आज क्या है?

मेष

आज आप साहस और पराक्रम से भरे रहेंगे। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे, सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। धन लाभ के प्रबल योग हैं, निवेश भविष्य में फलदायी होगा। भाई-बहनों से संबंध सुधरेंगे। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन गले का ध्यान रखें।
आज क्या करें: मंदिर में चने की दाल दान करें।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई दस्तावेज साइन न करें।

वृषभ

आज आपकी वाणी का प्रभाव दूसरों पर गहरा पड़ेगा। मार्केटिंग और सेल्स से जुड़े लोगों के लिए दिन उत्तम है। नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। बचत करने में सफल रहेंगे। सोने या आभूषणों में निवेश की योजना बन सकती है। घर में सुख-शांति रहेगी। परिजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेंगे। मुख या दांतों से जुड़ी छोटी समस्या हो सकती है।
आज क्या करें: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: आज किसी को उधार न दें।

यह भी पढ़ें:900 से अधिक मंदिरों का पहाड़, लेकिन सूरज ढलते ही क्यों छा जाता सन्नाटा?

मिथुन

चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जो मानसिक स्पष्टता देंगे। अटके हुए काम पूरे होंगे। नई तकनीक का प्रयोग व्यापार में लाभ देगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी, व्यर्थ के खर्चों पर लगाम लगाएं। प्रेम और परिवार: पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे, लेकिन नींद पूरी करें।
आज क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
आज क्या न करें: पुराने विवादों को दोबारा न छेड़ें।

कर्क

आज का दिन थोड़ा शांति और एकांत में बिताने का है। काम के सिलसिले में विदेश यात्रा की योजना बन सकती है। व्यापार में सावधानी बरतें। खर्चों की अधिकता रहेगी। बजट बनाकर चलें वरना परेशानी हो सकती है। परिजनों की राय को महत्व दें। जीवनसाथी से भावनात्मक समर्थन मिलेगा। आँखों में थकान या भारीपन महसूस हो सकता है।
आज क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: देर रात तक जागने से बचें।

यह भी पढ़ें:कन्याकुमारी का अनोखा शक्तिपीठ, जहां एक ही शिवलिंग में बसते हैं तीनों देव

सिंह

आज का दिन खुशियों और सफलताओं भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में बड़े पद या प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सकती है। व्यापार में मुनाफ़ा बढ़ेगा। अचानक धन लाभ के योग हैं। पिछला निवेश आज लाभ देगा। प्रेम और परिवार: बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। दिन भर ऊर्जावान महसूस करेंगे। खेलकूद में रुचि बढ़ेगी।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की आराधना करें।
आज क्या न करें: अहंकार में आकर किसी का अपमान न करें।

कन्या

आज आपका पूरा ध्यान अपने करियर और लक्ष्यों पर केंद्रित रहेगा। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन की संभावना है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। आय के नए स्रोत बनेंगे। पिता के साथ वैचारिक मतभेद सुलझेंगे। घर का माहौल अनुशासित रहेगा। कार्य के दबाव के कारण थकान हो सकती है।
आज क्या करें: गणेश जी को लड्डू का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: महत्वपूर्ण कार्यों में आलस्य न दिखाएं।

तुला

आज भाग्य आपके हर कदम पर साथ देगा। लंबी दूरी की व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को ख्याति मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धर्म-कर्म के कार्यों पर खर्च हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जा सकते हैं। रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, मन आध्यात्मिक शांति महसूस करेगा।
आज क्या करें: जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें दान करें।
आज क्या न करें: आज झूठ बोलने से बचें।

वृश्चिक

आज सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। व्यापारिक निर्णयों में जोखिम न लें। धन के लेन-देन में पारदर्शिता रखें। अचानक कोई बड़ा खर्च आ सकता है। ससुराल पक्ष से कोई खबर मिल सकती है। पार्टनर के साथ धैर्य रखें।वाहन चलाते समय सतर्क रहें। चोट लगने की आशंका है।
आज क्या करें: बजरंग बाण का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज कोई नया निवेश न करें।

धनु

आज का दिन खुशहाली और साझेदारी का है। व्यापारिक साझेदारी में लाभ होगा। नौकरी में टीम वर्क से सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति: आय स्थिर रहेगी। जीवनसाथी के माध्यम से धन लाभ संभव है। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। अविवाहितों के लिए विवाह की चर्चा शुरू हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन बाहर के खाने से बचें।

आज क्या करें: पीला रुमाल अपने पास रखें।
आज क्या न करें: दूसरों की निजी बातों में दखल न दें।

मकर

आज आप अपनी मेहनत से हर बाधा को पार कर लेंगे। मेहनत का उचित फल मिलेगा। कानूनी विवादों में विजय की संभावना है। बजट संतुलित रहेगा। पुराने कर्ज चुकाने में सफल होंगे। ननिहाल पक्ष से सहयोग मिलेगा। बच्चों के साथ समय बिताएं। पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है, हल्का भोजन लें।
आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी से साझा न करें।

कुंभ

आज का दिन रचनात्मकता और बौद्धिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ है। विद्यार्थियों के लिए दिन सफल रहेगा। कला और लेखन के क्षेत्र में नाम कमाएंगे। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। शेयर मार्केट से मध्यम लाभ हो सकता है। प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य: खुद को तरोताजा महसूस करेंगे, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
आज क्या न करें: महत्वपूर्ण निर्णयों में देरी न करें।

मीन

आज आप घरेलू सुख-सुविधाओं और मानसिक शांति पर ध्यान देंगे। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में माहौल सामान्य रहेगा। घर या वाहन पर खर्च हो सकता है। संचित धन में वृद्धि होगी। माता का सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। घर में शांति और संतुलन बना रहेगा। छाती या सर्दी से संबंधित समस्या हो सकती है।
आज क्या करें: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें।
आज क्या न करें: घर के बड़ों की सलाह को नजरअंदाज न करें।

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

अगर अमेरिका ने हमला किया तो पाकिस्तान वैसा जवाब दे पाएगा जैसा ईरान दे रहा?

अमेरिका की इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने हाल ही में पाकिस्तान के बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को वाशिंगटन के लिए बड़ा खतरा बताया। इसके बाद से ही पाकिस्तान में एक नई बहस शुरू हो गई। क्या अमेरिका आने वाले वक्त में पाकिस्तान पर भी हमला करेगा? पाकिस्तान में भी कुछ रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के बाद अगला नंबर पाकिस्तान है। वहीं कुछ का कहना है कि पाकिस्तान से पहले तुर्की को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं कि भविष्य में पाकिस्तान पर अमेरिका कोई सैन्य एक्शन लेगा, लेकिन उसके मिसाइल कार्यक्रम से जरूर चिंतित है।

अगर अमेरिका को पाकिस्तान के बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करना है तो उसके पास दो तरीके हैं। पहला- कूटनीति और दूसरा- सैन्य एक्शन। मान लीजिए कि अमेरिका दूसरे विकल्प को चुनता है तो सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान अमेरिकी हमलों के जवाब में ठीक वैसे ही प्रतिक्रिया दे पाएगा, जैसा जवाब मौजूदा समय में ईरान दे रहा है। आइये कुछ तथ्यों के आधार पर इसे समझने का प्रयास करते हैं।

निर्भरता: ईरान दशकों से अमेरिकी प्रतिबंधों को झेल रहा था। इस बीच में उसने अपना एक अलग आर्थिक तंत्र तैयार कर लिया। तेल और गैस से होने वाली कमाई से उसकी अर्थव्यवस्था चलती रही। मगर पाकिस्तान का मामला उल्टा है। वह काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर है। भारी कर्ज में भी डूबा है। अर्थव्यवस्था भी इतनी मजबूत नहीं है कि वह अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने लंबा युद्ध लड़ सके। अमेरिका की पहल पर ही उसे आईएमएफ से कई बार कर्ज मिला। आतंकवाद के खिलाफ जंग के नाम पर बड़ी फंडिंग उठाई। हमले की स्थिति में अमेरिका उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है, जिसे पाकिस्तान झेल नहीं पाएगा।

यह भी पढ़ें: LPG छोड़ PNG में शिफ्ट हुए 2.20 लाख लोग, राज्यों को दिया जा रहा मिट्टी का तेल

सैन्य ढांचा: ईरान की तुलना में पाकिस्तान की सेना काफी मजबूत है। मगर अधिकांश ताकत सेना प्रमुख के पास होती है। अगर अमेरिका ने सेना प्रमुख को साध लिया तो पाकिस्तान की सरकार के कहने के बावजूद उसकी सेना अमेरिका के खिलाफ बड़ा एक्शन नहीं लेगी। वहीं ईरान में सेना से अलग आईआरजीसी नाम की धार्मिक सेना है। कमान देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता के हाथ में होती है। हर यूनिट अलग-अलग काम करती है। खुद ही फैसला लेती है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी चाहे भी तो पूरी आईआरजीसी को हमला रोकने का आदेश नहीं दे सकता है।

रणनीतिक स्थिति: फारस की खाड़ी के एक छोड़ पर ईरान है। दूसरी तरफ ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन है। मौजूदा युद्ध में ईरान ने इस रणनीति का फायदा खूब उठाया। उसने खाड़ी देशों पर हमला अमेरिका पर दबाव बनाने की खातिर किया। मगर पाकिस्तान चाहकर भी यह रणनीति नहीं अपना सकता है। इसकी वजह यह है कि उसकी खाड़ी देशों पर निर्भरता खूब है।

चोक प्वाइंट: ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नाम का चोक प्वाइंट है। पाकिस्तान को ऐसा कोई रणनीतिक लाभ नहीं प्राप्त है। कराची उसका सबसे अहम पोर्ट है। अगर यहां सटीक हमला किया गया तो पाकिस्तान उसे झेल नहीं पाएगा। कराची की कलंक से बचने की खातिर ही चीन के साथ मिलकर उसने ग्वादर पोर्ट विकसित किया, ताकि युद्ध की स्थिति में जरूरी सामान और ईंधन की आपूर्ति जारी रहे। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले के करके दुनियाभर की ईंधन आपूर्ति को प्रभावित किया। इससे कच्चे तेल के दाम बढ़े। नतीजा यह हुआ कि ट्रंप प्रशासन पर दबाव भी बढ़ता चला गया।

लक्ष्य अलग-अलग: ईरान ने दशकों से इजरायल और अमेरिका को ध्यान में रखकर अपनी सैन्य तैयारी की। पाकिस्तान की अधिकांश तैयारी भारत को फोकस करके की गई है। उसके अधिकांश हथियार चीन निर्मित हैं। बाकी अमेरिकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त चीनी हथियार विफल साबित हुए हैं। वहीं ईरान के पास प्रॉक्सी आर्मी का एक विशाल नेटवर्क है। जैसे गजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हूती। मगर पाकिस्तान के पास ऐसा कोई तंत्र नहीं है।

मिसाइल टनल नेटवर्क: ईरान ने अपने आपको गुरिल्ला युद्ध, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन वारफेयर के तौर पर तैयार किया है। उसके पास मिसाइल टनल नेटवर्क है। यहां हजारों मिसाइलों का जखीरा है। जमीन के भीतर से भी मिसाइलें दाग सकता है। उसके शाहेद ड्रोन खाड़ी देशों में तबाही मचाए हुए हैं। पाकिस्तान के पास घातक मिसाइल हैं, लेकिन इरान की तरह अंडरग्राउंड नेटवर्क है या नहीं… इस पर संशय है।

यह भी पढ़ें: क्या है ट्रंप का 15 सूत्रीय युद्धविराम प्लान, क्या इन शर्तों को मानेगा ईरान?

पाकिस्तान की दुबई स्ट्रैटजी क्या है?

ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र दुबई पर हमले करके इसे रणनीतिक टूल की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया के अन्य देशों पर भी दबाव डाला, क्योंकि दुबई पर होने वाले हर हमले का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा। अब पाकिस्तान शायद ईरान से कुछ सीख रहा है। यही कारण है कि हाल ही में भारत में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत रहे अब्दुल बासित ने अपने बयान में कहा था कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हमें तुरंत भारत पर हमला कर देना चाहिए। मुंबई और दिल्ली को निशाना बनाना चाहिए। शायद पाकिस्तान की मंशा भारत के दो सबसे अहम शहरों पर हमले की बात करके अमेरिका पर ठीक वैसे ही दबाव बनाना है, जैसा ईरान दुबई पर अटैक करके कर चुका है।

क्या काम आएगी पाकिस्तान की रणनीति?

अब्दुल बासित से पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर भी भारत के आर्थिक सेंटर और जामनगर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने की धमदी दे चुके हैं। मगर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की दुबई स्ट्रैटजी काम नहीं आने वाली है। दरअसल, यूएई ने अभी तक ईरान के किसी भी हमले का जवाब नहीं दिया। मगर पाकिस्तान के हमले करने की स्थिति में भारत बेहद सख्ती से जवाब देगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसकी एक झलक भारत ने दिखा भी दी है। वहीं भारत की एयर डिफेंस सिस्टम खाड़ी देशों की तुलना अधिक मजबूत है।

सिर्फ तीखेपन के लिए नहीं होती मिर्च, कितने फायदे हैं जान लीजिए

जिस प्रकार खाने की थाली बिना नमक के अधूरी होती है, उसी प्रकार हरी मिर्च के बिना भोजन अधूरा माना जाता है। सब्जी में मसाले के तौर पर मिर्च डाली जाती है। लोग अक्सर मिर्च सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं। लोगों को लगता है कि मिर्च खाने से स्वास्थ्य लाभ नहीं होता, जबकि स्टडी के मुताबिक मिर्च खाने से सेहत को फायदे होते हैं।

रिसर्चगेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिर्च खाने के कई फायदे होते हैं। इस स्टडी के मुताबिक हरी मिर्च में विटामिन बी1, बी2 और बी3 सही मात्रा में पाए जाते हैं। हरी मिर्च में जीरो कैलोरी होती है। इस वजह से यह व्यक्ति की सेहत के लिए लाभकारी है।

यह भी पढ़ें: छोटे शहरों के लोगों को क्यों चाहिए मेट्रो सिटी वाले पार्टनर? वजह समझिए

हरी मिर्च के फायदे

अगर व्यक्ति सीमित मात्रा में मिर्च का सेवन करता है तो यह शरीर के लिए बेहद लाभदायक हो सकती है। हालांकि, रोज 1 से 2 मिर्च खाने से ही फायदा होता है। इससे ज्यादा मिर्च खाने से नुकसान भी हो सकता है।

1. पाचन में सहायक

हरी मिर्च में डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है। डाइटरी फाइबर से कब्ज की समस्या कम होती है। 100 ग्राम हरी मिर्च में लगभग 2 से 3 ग्राम डाइटरी फाइबर पाया जाता है।

2. स्किन के लिए लाभकारी

हरी मिर्च में विटामिन सी होता है। विटामिन सी त्वचा को चमकदार और खूबसूरत बनाने में मदद करता है। साथ ही हरी मिर्च में विटामिन ए भी होता है, जो त्वचा के लिए फायदेमंद है।

3. दिल के लिए फायदेमंद

रोज सीमित मात्रा में हरी मिर्च खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने में सहायक हो सकती है।

4. इम्यून सिस्टम मजबूत

हरी मिर्च में मौजूद विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। मजबूत इम्यून सिस्टम होने से बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से शरीर का बचाव होता है।

5. वजन घटाने में सहायक

हरी मिर्च में बहुत कम कैलोरी होती है। इसे खाने से मेटाबॉलिज्म तेज हो सकता है। तेज मेटाबॉलिज्म वजन घटाने में सहायक होता है।

यह भी पढ़ें: ग्लूकोमा से बचने के लिए क्या करें? ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट से समझिए

हरी मिर्च से जुड़ी सावधानियां

हरी मिर्च खाने से फायदे होते हैं, लेकिन इसके ज्यादा सेवन से नुकसान भी हो सकता है। ज्यादा मिर्च खाने से मुंह में जलन हो सकती है और पेट खराब हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को हरी मिर्च खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को हरी मिर्च ज्यादा नहीं खिलानी चाहिए क्योंकि वे इसका तीखापन सहन नहीं कर पाते। साथ ही बुजुर्ग लोगों को भी हरी मिर्च का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

क्यों खास है गढ़मुक्तेश्वर धाम? जानें मुक्ति से जुड़ी कहानी

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पास गढ़मुक्तेश्वर मंदिर स्थित है जिसे गढ़वाल राजाओं ने बसाया था। गढ़मुक्तेश्वर धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से बेहद खास है। इसे प्राचीन काल में ‘शिवबल्लभपुर’ के नाम से जाना जाता था। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान परशुराम ने शिव मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका ऐतिहासिक महत्व है जो त्रेतायुग से लेकर महाभारत काल तक फैला हुआ है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार महर्षि दुर्वासा की तपस्या में बाधा डालने के कारण शिव के गणों को ‘पिशाच’ बनने का श्राप मिला था। इस श्राप से मुक्ति के लिए उन्होंने इसी स्थान पर भगवान शिव की कठोर आराधना की थी। शिव पुराण कहता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन उनकी तपस्या सफल हुई और महादेव ने उन्हें मुक्त किया, जिसके बाद इस जगह का नाम ‘गणमुक्तेश्वर’ और कालांतर में ‘गढ़मुक्तेश्वर’ पड़ा।

यह भी पढ़ें: आज का राशिफल: 12 फरवरी को गुरु और मूलांक 3 का बन रहा खास संयोग

महाभारत से संबंध

पांडवों और राजा परीक्षित से नाता इस स्थान का गहरा संबंध महाभारत से भी है। कहा जाता है कि युद्ध में हुए बर्बादी और अपनों को खोने के दुख से उबरने के लिए युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण की सलाह पर यहीं पिंडदान किया था।

इसके अलावा, राजा परीक्षित ने भी मोक्ष की कामना के साथ यहां का रुख किया था। आज भी यहां कार्तिक शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक विशाल मेला लगता है, जहां लाखों लोग गंगा में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

खंडित शिवलिंग

नक्का कुआं और खंडित शिवलिंग का रहस्य मंदिर परिसर में एक प्राचीन बावड़ी है जिसे ‘नक्का कुआं’ कहा जाता है। इसके बारे में कहा जाता है कि महाराज नृग को गिरगिट की योनि से यहीं मुक्ति मिली थी। वहीं, मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर एक निशान है, जिसे परशुराम के फरसे का प्रहार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी प्रहार के बाद शिव गणों को पूरी तरह मुक्ति मिली थी।

यह भी पढ़ें: सूर्य ग्रहण 2026: भारत में नहीं दिखेगा असर, गर्भवती महिलाओं के लिए क्या सावधानी?

श्रद्धालुओं के लिए विशेष आज यह मंदिर ‘झार खंडेश्वर’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां गंगा दशहरा पर पितृ दोष निवारण के लिए विशेष पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालु यहां मन्नत मांगने, बच्चों का मुंडन संस्कार कराने और पिंडदान जैसे अनुष्ठान करने दूर-दूर से आते हैं। मुक्ति घाट और महादेव मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए पूरा दिन खुले रहते हैं।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

पहले NSA लगाया, अब रिहाई, सोनम वांगचुक पर सरकार ने फैसला क्यों बदला?

केंद्र सरकार ने लद्दाख के मशहूर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हुई हिरासत को तुरंत रद्द कर दिया है। सरकार ने यह आदेश 14 मार्च को जारी किया है। सरकार का कहना है कि इससे लद्दाख में शांति बहाल करने और बातचीत का माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को जोधपुर सेंट्रल जेल में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत बंद किया गया था। यह फैसला लेह शहर में 24 सितंबर 2025 को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया था। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हो गई थी। 160 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

सरकार का आरोप था कि सोनम वांगचुक ने लोगों को भड़काया और अशांति फैलाई थी। सोनम वांगचुक को लद्दाख हिंसा का सबसे बड़ा विलेन बताया जा रहा था। सोनम वांगचुक को ही लद्दाख हिंसा का सूत्रधार तक बता दिया गया था।

यह भी पढ़ें: लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371 की कवायद क्यों, इससे क्या हो सकता है?

सरकार ने रिहाई का क्या कारण बताया?

गृह मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह बयान जारी किया है। सरकार का कहना है कि सोनम वांगचुक की हिरासत से लद्दाख में बंद, विरोध और अशांति का माहौल बना रहा, जिससे छात्र, नौकरी चाहने वाले, व्यापारी, टूर ऑपरेटर, पर्यटक और पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।

सरकार ने कहा कि सोनम वांगचुक ने NSA की अधिकतम 12 महीने की हिरासत का लगभग आधा समय पूरा कर लिया है। अब शांति, स्थिरता और सभी पक्षों के साथ सार्थक बातचीत के लिए उनकी रिहाई जरूरी है। सरकार हाई-पावर्ड कमिटी जैसे प्लेटफॉर्म पर लद्दाख की मांगों को सुलझाने के लिए तैयार है।

त्सेरिंग दोरजे लकरूक, अध्यक्ष, लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन:-
मेरा मानना ​​है कि यह लद्दाख के लोगों के लिए अच्छी खबर है। दूसरी बात, यह सोनम वांगचुक की एक निजी जीत भी है। हम शुरू से ही यह कहते आ रहे हैं कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद थे। सरकार सुप्रीम कोर्ट में इन आरोपों को साबित करने में नाकाम रही।

यह भी पढ़ें: लद्दाख के लिए राहुल गांधी ने उठा दी छठी अनुसूची की मांग, BJP को घेरा

लद्दाख में क्या मांगें चल रही हैं?

लद्दाख को 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। तब से लोग कई मांगें कर रहे हैं। लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के जरिए लद्दाख के लोग अपनी मांगे रख रहे हैं। ये मांगें 2024 से तेज हुईं हैं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में सरकार मिल गई है। लद्दाख में अभी भी केंद्र का ही नियंत्रण है। आइए जानते हैं कि लद्दाख के लोग क्या चाह रहे हैं-

  • लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले
  • भारतीय संविधान की छठी अनुसूची लागू हो
  • आदिवासी इलाके की संस्कृति और जमीन की सुरक्षा हो
  • लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग बने
  • लद्दाख को एक की बजाय दो लोकसभा सीटें मिलें

यह भी पढ़ें: लद्दाख DGP ने बताया सोनम वांगचुक के पाकिस्तान से कैसे हैं संबंध?

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

वांगचुक की पत्नी डॉ गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि हिरासत गैरकानूनी है और पुरानी FIR, वीडियो के आधार पर की गई है। सुप्रीम कोर्ट 17 मार्च को फैसला सुनाने वाला था, लेकिन सरकार ने इससे तीन दिन पहले ही रिहाई का फैसला ले लिया।

क्या कह रहे हैं लोग?

करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेता सज्जाद कारगिली ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए, यह मांग जारी रहेगी। उन्होंने डेल्डन नामग्याल और स्मानला डोरजे की रिहाई की भी मांग की है। वह चाहते हैं कि 24 सितंबर के मामलों में सभी आरोप अब हटा लिए जाएं।

यह भी पढ़ें: जब केंद्र शासित प्रदेश की मांग को लेकर 70 साल तक सुलगता रहा था लद्दाख!

NSA क्या है?

नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 एक सख्त कानून है। इसके तहत बिना ट्रायल के किसी को 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। अगर सरकार को लगे कि कोई देश की सुरक्षा, रक्षा या विदेश संबंधों के लिए खतरा है। यह आम गिरफ्तारी से अलग है, क्योंकि इसमें चार्ज या कोर्ट ट्रायल की जरूरत नहीं पड़ती। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर देशभर में हंगामा हुआ था। वह पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जो लद्दाख में कई कल्याणकारी प्रोजेक्ट चला रहे हैं।