नोएडा। शुक्रवार की देर रात को नोएडा पुलिस ने प्रेमिका द्वारा शादी का प्रस्ताव ठुकराने से आहत होकर एक युवक द्वारा नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास करने के मामले को विफल कर दिया है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार की रात को 24 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ा एक बेहद चिंताजनक पोस्ट साझा किया। यह अलर्ट सोशल मीडिया द्वारा नोएडा पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को प्राप्त हुआ। मुख्यालय की टीम ने तुरंत लोकेशन ट्रेस कर नोएडा पुलिस को सूचित किया। उन्होंने बताया कि मात्र 5 मिनट के अंतराल पर थाना जेवर पुलिस की टीम ने युवक के घर पहुंच कर सो रहे उसके पिता को जगाया तथा उनके बेटे द्वारा की गई पोस्ट की जानकारी दी।
परिजन पुलिस को युवक के पास तत्काल लेकर पहुंचे। वह वेसुध अवस्था में पड़ा था। पुलिस कर्मियों ने अविलंब युवक को एक नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया। उपचार के दौरान उसकी स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि युवक की काउंसलिंग की गई तो पता चला की प्रेमिका द्वारा शादी का प्रस्ताव ठुकराया जाने से वह मानसिक तनाव में था। उसने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले एक जनवरी वर्ष 2023 से 8 जून वर्ष 2026 तक आत्महत्या करने जा रहे कुल 3081 लोगों की जीवन रक्षा की जा चुकी है।
नागदा। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए दाखिल किया गया नामांकन का पर्चा निरस्त होने के मामले में सुर्खियों में आई पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का उज्जैन जिले के नागदा से गहरा रिश्ता रहा। शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में भी उन्हें निराशा मिली है।
मीनाक्षी की प्रारंभिक शिक्षा नागदा में हुई। उन्होंने यहां 1975 से 1988 तक कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। मीनाक्षी नटराजन के पिता ए आर नटराजन बिरलाग्राम स्थित भारत कामर्स उद्योग में प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। यह उद्योग बसंत कुमार बिरला का था । हालांकि उद्योग 3 जून 2000 को बंद हो गया लेकिन मीनाक्षी के पिता उसके पहले यहां कार्यरत थे। नौकरी के कारण परिवार का निवास नागदा में रहा।
प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने इंदौर में उच्च शिक्षा ग्रहण की। कॉन्वेंट स्कूल नागदा में वाद-इवाद प्रतियोगिता में उनकी रुचि रही। मीनाक्षी मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष 2002 में बनी थी। तब नागदा पहुंची थी और इस शहर से जुड़े स्मृतियों को सार्वजनिक रूप से साझा भी किया था।
बहराइच जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में एक बिना लाइसेंस के चल रही मसाले की फैक्ट्री पर शुक्रवार को खाद्य व औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मारा। इस दौरान लाखों रुपये का तैयार मसाला और कच्चा माल जब्त किया गया। जब्त किए गए सामान के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यह फैक्ट्री बहराइच-नानपारा मार्ग पर उदय सिंह नामक व्यक्ति द्वारा बिना वैध दस्तावेजों के संचालित की जा रही थी। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय अमर सिंह वर्मा के नेतृत्व में टीम को इसकी सूचना मिली थी। शुक्रवार देर शाम टीम जब कारखाने पर पहुंची, तो वह बंद मिला, लेकिन अंदर गुपचुप तरीके से खाद्य मसालों का निर्माण जारी था। टीम ने तत्काल नगर मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस को सूचना दी और कारखाने पर छापा मारा। करीब तीन घंटे तक चली जांच के दौरान टीम को अवैध रूप से तैयार हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर मिला। मसालों को रंगने के लिए बड़ी मात्रा में हानिकारक रंग भी मौके से बरामद हुए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बरामद सभी सामान को सीज कर दिया और कारखाना संचालक को नोटिस जारी किया। जब्त किए गए मसालों के नमूने गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। छापेमारी के दौरान 830 किलोग्राम हल्दी पाउडर (अनुमानित कीमत 1.32 लाख रुपये) और 400 किलोग्राम धनिया पाउडर (अनुमानित कीमत 64,000 रुपये) सहित कुल दो लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया।
नीरज चोपड़ा : डायमंड लीग का अगला चरण 19 जून को दोहा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि इसमें नीरज चोपड़ा लंबे समय के बाद एक्शन में दिखाई देंगे। हालांकि अब ये तय हो गया कि नीरज डायमंड लीग के इस चरण में भी हिस्सा नहीं लेंगे। स्टार भारतीय जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा बैक इंजरी से उबरने के बाद अभी स्विट्जरलैंड में ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिसमें उनका पूरा ध्यान में जापान में होने वाले एशियन गेम्स और उससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर तैयारी करने पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं।
नीरज चोपड़ा अपनी फिटनेस को लेकर कर रहे काम स्विट्जरलैंड के बिएन में 47 दिन के ऑफ-सीजन ट्रेनिंग कैंप में नीरज चोपड़ा अपने फीजियो ईशान मारवाह और कोच जय चौधरी के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिसमें उनका पूरा ध्यान अपनी फिटनेस को सुधारने पर है। पिछले कुछ सालों में नीरज चोपड़ा फिटनेस की समस्याओं से जूझते हुए नजर आए हैं जिसके चलते उनका प्रदर्शन कुछ बड़े इवेंट में उस तरह का देखने को नहीं मिला जिसकी फैंस को उम्मीद थी। ऐसे में नीरज फिटनेस पर काम कर अपना पुराना फॉर्म एकबार फिर से हासिल करने पर पूरा ध्यान लगा रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने पिछले साल दोहा डायमंड लीग में हिस्सा लिया था जिसमें वह अपने करियर में पहली बार 90 मीटर का थ्रो करने में कामयाब हुए जिसमें उन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो करने के साथ नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। हालांकि पिछली बार दोहा डायमंड लीग में जूलिनय वेबर ने 91.06 मीटर का थ्रो करने के साथ टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया था।
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे पर दोहा डायमंड लीग में रहेगी नजरें नीरज चोपड़ा के बाहर होने के बाद अब दोहा डायमंड लीग में बाकी एथलीटों के बीच मुकाबला काफी रोमांचक होने की पूरी उम्मीद की जा सकती है, जिसमें सबसे ज्यादा नजरें रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो फेंक कर सभी की नजरों में आने वाले श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी रहे रुमेश पथिरागे पर रहने वाली हैं। दोहा में होने वाली माजराती दोहा डायमंड लीग 2026 इस लीग का सातवां चरण होगा। रुमेश को पूर्व विश्व चैंपियन एंडर्सन पीटर्स के अलावा केशॉर्न वॉलकॉट और जूलियस यीगो से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
तोरई की खेती: खेती और किसानी में पहले के मुकाबले अब पारंपरिक फसलों से उतना मुनाफा नहीं मिल पा रहा है, और यही वजह है कि अब किसान भाई कम समय में ज्यादा रिटर्न देने वाली नगदी फसलों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको तोरई की एक ऐसी जादुई वैरायटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कम लागत और बेहद कम समय में बंपर पैदावार देकर किसानों की किस्मत बदल रही है.
हम बात कर रहे हैं आगरा की बेहद फेमस तोरई की जो अपने बेहतरीन स्वाद और खास क्वालिटी की वजह से उत्तर प्रदेश के दर्जनों जिलों में धड़ल्ले से सप्लाई हो रही है. सबसे कमाल की बात यह है कि इसकी फसल महज 45 दिनों के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाती है, जिससे किसानों की जेब में बहुत ही कम समय में कड़क नोट आने शुरू हो जाते हैं.
इसकी खेती का आसान तरीका इस खास वैरायटी की सबसे बड़ी यूएसपी इसका कम समय में तैयार होना है, जो किसानों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है. इसकी बुवाई के लिए खेत को अच्छी तरह जोतकर गोबर की खाद मिला ली जाती है, जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाए. इसके बाद सही दूरी पर इसके बीजों को लगाया जाता है.
महज 45 दिनों में फसल तैयार महज 40 से 45 दिनों के भीतर इसके पौधों में बंपर फल आने शुरू हो जाते हैं. इसलिए इसमें कीड़े-मकोड़ों और बीमारियों का खतरा भी पारंपरिक फसलों के मुकाबले बहुत कम रहता है. कम समय की फसल होने के कारण इसमें सिंचाई और खाद का खर्च भी आधा हो जाता है. जिससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह घाटे के सौदे को बड़े मुनाफे में बदलने का सबसे धांसू जरिया बन चुकी है.
कम लागत में बंपर पैदावार लागत की बात करें तो इस तोरई की खेती में बीज, खाद और हल्की सिंचाई को मिलाकर बेहद मामूली खर्च आता है, लेकिन इसके बदले जो पैदावार मिलती है, वह वाकई चौंकाने वाली होती है. आगरा के आसपास के इलाकों में उगाई जाने वाली इस तोरई की धाक सिर्फ लोकल मार्केट तक ही सीमित नहीं है.
यूपी के कई जिलों में डिमांड इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि इसे यूपी के कई बड़े शहरों और दर्जनों जिलों की मंडियों में हर रोज थोक के भाव सप्लाई किया जाता है. बाजार में फ्रेश और हरी तोरई देखते ही व्यापारी इसे हाथों-हाथ ऊंचे दामों पर खरीद लेते हैं. कम लागत में हर सीजन में लगातार फल देने वाली यह वैरायटी आज के दौर में कम समय के भीतर लखपति बनने का सबसे सॉलिड और हिट एग्रीकल्चर मॉडल साबित हो रही है.
देहरादून :मीडिया संवाद में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन 12 वर्षों में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि लंबे समय से विकासशील देश की अवधारणा पर अटके भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी का बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री सर्वाधिक कार्यकाल देश की प्रगति और विकास के लिए समर्पित रहा है। यह कालखंड आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में श्रेष्ठता स्थापित करने का कालखंड रहा। उत्तराखंड से लगाव के चलते इसका लाभ भी बड़ी विकास परियोजनाओं के रूप में सामने आया।
पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मीडिया संवाद में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन 12 वर्षों में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि लंबे समय से विकासशील देश की अवधारणा पर अटके भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है। इस दौरान जनता ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार आशीर्वाद देकर साबित किया कि देश अब नारे नहीं, काम पर वोट देता है। आज भारत आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में सम्मानित राष्ट्र बन चुका है।
सीएम धामी ने कहा, देश ने वह दौर देखा है, जब विशेषकर कांग्रेस के शासन में योजनाएं कागजों पर बनती थीं। मोदी सरकार में योजनाएं बनती भी हैं और जमीन पर उतरती भी हैं। कांग्रेस ने दशकों तक गरीब हटाने के नारे दिए लेकिन सिर्फ अपने नेताओं की गरीबी हटाई। पीएम मोदी ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का अभूतपूर्व काम किया, जिसे दुनिया भी अचंभित होकर तारीफ कर रही है। विपक्ष विशेषकर कांग्रेस की सरकारों में विकास हुआ और न ही गरीबों की दशा में परिवर्तन क्योंकि उनके समय भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बना हुआ था।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण है कि दूसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री का पहला हस्ताक्षर किसान सम्मान निधि की फाइल पर था। इसी तरह 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, चार करोड़ गरीबों को पक्के मकान और 11 करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला, जन-धन, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान ने गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। ये नया भारत है जो आतंकवादी घटना पर केवल निंदा नहीं करता बल्कि आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देता है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने दुनिया को भारत की नई सुरक्षा कार्य संस्कृति से परिचय कराया है। उत्तराखंड से पीएम मोदी को विशेष प्रेम सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और मार्गदर्शन से राज्य में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं संचालित हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास ने देवभूमि को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर स्थापित किया है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आया है। केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं तीर्थयात्रा को नई ऊंचाई देने जा रही हैं। वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमांत गांवों में विकास की नई धारा पहुंची है। 2.54 लाख रुपये से अधिक महिलाओं का लखपति दीदी बनना प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का प्रमाण है, जिसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को है।
आज विश्व मंच पर मजबूत, सक्षम राष्ट्र है भारत : महेंद्र भट्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकसित भारत के संकल्प के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। यह केवल एक सरकार के 12 वर्ष नहीं बल्कि भारत के आत्मविश्वास, वैश्विक प्रतिष्ठा और जन-जन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा के ये 12 वर्ष हैं। इन वर्षों में भारत ने अनेकों क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हुई हैं। गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तीकरण, किसानों के उत्थान से लेकर युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करना, आधारभूत संरचना के विस्तार से लेकर डिजिटल क्रांति तक, हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। भारत आज विश्व मंच पर एक मजबूत, सक्षम और निर्णायक नेतृत्व वाले राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। संवाद में कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, कमलेश रमन मौजूद रहे।
भारत ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के हमलों का कड़ा विरोध जताया है। इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को रुबियो से फोन पर बात की और कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे घातक हमले बिल्कुल अनुचित हैं।
एस जयशंकर ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से ऐतराज जताया है। पलाउ झंडे वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी विमान ने हमला किया। हमले के बाद ओमान की सेना ने बाकी 25 नाविकों को बचाया, जिनमें 21 भारतीय थे।
एस जयशंकर, विदेश मंत्री:- आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर कड़ी आपत्ति जताी है। हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। कॉमर्शियल शिपिंग के खिलाफ इस तरह की जानलेवा कार्रवाई उचित नहीं है।
तीन लापता भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह हमारे समुद्री परिवार के लिए बहुत दुखद घटना है। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ है और उनके शवों को जल्द वापस लाने की प्रकिया पूरी की जाएगी।
ट्रंप ने हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार बताया
सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि बचाए गए नाविकों को घर लाने की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन अमेरिकी सेना ने खुद पुष्टि की कि हमले उनके नौसैनिक बलों ने किए थे।
अमेरिका ने हमला क्यों किया था?
अमेरिका ने सोमवार को दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया था, जिसमें भारतीय नाविक सवार थे। सेटेबेलो नाम के जहाज पर हमला हुआ। अमेरिका का आरोप है कि यह ईरानी तेल ले जा रहा था, लेकिन जहाज चलाने वाली कंपनी IOS मरीन FZE ने इसे साफ इनकार किया है।
कंपनी ने अमेरिका से सबूत मांगे हैं कि कब कंपनी ने अमेरिकी नौसेना का सलाह नहीं मानी है। यह जहाज भारतीय कंपनी एक्वा अरोरा शिपिंग लाइन्स का है। दूसरा जहाज मारिवेक्स पहले अरिहंत नाम से जाना जाता था। अमेरिका ने इसे ईरानी तेल और ईंधन ले जाने के आरोप में प्रतिबंधित कर रखा है। इस पर अमेरिकी फाइटर जेट F-18 सुपर हॉर्नेट ने हमला किया, जिससे जहाज के इंजन और स्टीयरिंग हिस्से में आग लग गई।
कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
भारतीय नाविकों ने डरते हुए मदद मांगी और बताया कि जहाज डूब रहा है। बाद में ओमान की हेलीकॉप्टर ने सभी नाविकों को बचाकर निकाल लिया। इस घटना से भारत में चिंता बढ़ गई है क्योंकि हजारों भारतीय नाविक दुनिया भर के समुद्री रास्तों पर काम करते हैं। नाविक यूनियनों ने कहा है कि नाविक सैनिक नहीं हैं, वे सिर्फ काम करने वाले लोग हैं और उन्हें युद्ध जैसी स्थिति में नहीं डालना चाहिए।
कलबुर्गी: कर्नाटक के कलबुर्गी शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की छत का प्लास्टर गिरने से कई छात्राएं घायल हो गई हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि टीचर छात्राओं को पढ़ा रहे थे, तभी अचानक छत से प्लास्टर का बड़ा सा हिस्सा टूटकर गिर गया। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में छात्राओं ने भागकर जान बचाई। हालांकि इस घटना में घायल छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद कांग्रेस विधायक ने भी अस्पताल का दौरान किया और घायलों का हाल जाना।
दस साल पहले बनी थी इमारत जानकारी के मुताबिक घटना कलबुर्गी शहर में सरकारी प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की बताई जा रही है। यहां क्लास के दौरान छत की प्लास्टर का एक हिस्सा गिरने से 5 छात्राएं घायल हो गईं। कलबुर्गी शहर के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में यह घटना हुई, जिसमें छात्राएं स्नेहा, शीतल, पूजा और दिव्या घायल हो गईं। जानकारी के मुताबिक जब छात्राएं कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं, तभी ये हादसा हुआ, जिसके बाद छात्राएं क्लास रूम से बाहर आ गईं। आनन-फानन में घायल छात्राओं को GIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कांग्रेस विधायक अल्लामाप्रभु पाटिल ने अस्पताल का दौरा किया और जांच की मांग की। बताया जा रहा है कि यह इमारत 10 साल के भीतर ही गिर गई। घटना स्टेशन बाज़ार पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जिसके बाद इस सम्बंध में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ग्रेटर नोएडा में कार पर गिरा प्लास्टर ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी देखने को मिला है। यहां एक बहुमंजिला इमारत से प्लास्टर का हिस्सा गिरने का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक तेज आंधी के चलते 20वी मंजिल से प्लास्टर का हिस्सा नीचे गाड़ी पर जा गिरा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि उस दौरान वहां पर कोई व्यक्ति नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना रात्रि में हुई लेकिन इस प्लास्टर गिरने से गाड़ी में काफी नुकसान हुआ है और उसकी छत क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में काफी रोष है, उनका कहना है कि उनसे मोटा मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है, लेकिन उसके बावजूद भी उनकी जान जोखिम में है।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार को कस्टम विभाग ने 29 साल की एक महिला को कथित तौर पर 11.8 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। जिस महिला को गिरफ्तार किया गया है वह कोई आम महिला नहीं हैं बल्कि मशहूर मॉडल और पिछले साल ‘मिसेज केरल’ की रनर अप रहीं हर्षा सनी हैं। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए सामान की कीमत करीब 11.8 करोड़ रुपये बताई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक वह गुरुवार तड़के बैंकॉक से मुंबई पहुंची थी। बयान में कहा गया है कि आरोपी 10-11 जून की रात को बैंकॉक से एयर इंडिया की फ्लाइट टीजी-351 से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची थी। कस्टम अधिकारियों ने शक के आधार पर उसे पूछताछ के लिए रोक लिया और इसके बाद खुलासा हुआ।
बताया जा रहा है कि नियमित जांच के दौरान एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और कस्टम विभाग को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे रोका गया। अधिकारियों ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें से 12 वैक्यूम-सील पैकेट मिले, जिनमें हरे रंग का पदार्थ रखा हुआ था। मौके पर एनडीपीएस (NDPS) किट से किए गए रासायनिक टेस्ट में पदार्थ के हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक मारिजुआना होने की पुष्टि होने का दावा किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, हर्षा सनी एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम क।रती है और पिछले साल केरल में आयोजित एक ब्यूटी पेजेंट में प्रतिभागी रह चुकी है। बरामद 12 पैकेट उसके ट्रॉली बैग में छिपाकर रखे गए थे। इसके बाद अधिकारियों ने आगे की कानूनी कार्रवाई की।
कैसे पकड़ी गई?
अधिकारियों के अनुसार, उसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके साथ ही पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है और सबूतों को इकट्ठा कर रही है। पुलिस इस मामले में हर्षा की विदेश यात्रा का पूरा ब्यौरा चेक कर रही है और मामले की गंभीरता से जांच करके पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ और कौन-कौन शामिल था।
अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले का संबंध किसी बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क से है या नहीं। हर्षा सनी ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि विदेश यात्रा के दौरान उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी, जिसने उससे बैग भारत लेकर आने को कहा था।
इसी तरह के एक मामले में बुधवार को भारत-नेपाल सीमा के पास महाराजगंज जिले में एक व्यक्ति को 2.30 किलोग्राम से अधिक हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक वीड के साथ गिरफ्तार किया गया। अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में इसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई। पीटीआई के अनुसार, सूचना मिलने पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम ने मंगलवार शाम सोनौली सीमा क्षेत्र से 34 वर्षीय मोहम्मद इदरीश को गिरफ्तार किया।
वह तमिलनाडु के रामनाथपुरम का निवासी बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, वह पैदल सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था। जांच के दौरान उसके बैग से कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह की घटनाएं कई बार सामने आ चुके हैं लेकिन एजेंसियों की सतर्कता के कारण इनका खुलासा भी हुआ है।
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ने डी.फार्मा (बैच 2024-26) के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 30 से अधिक छात्रों का चयन देश की प्रमुख फार्मेसी कंपनी मेडप्लस में हुआ है, जबकि दो मेधावी विद्यार्थियों को अमेरिकी कंपनी में फार्माकोविजिलेंस के लिए चुना गया है।
प्लेसमेंट में कीर्तिमान स्थापित
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ने डी.फार्मा बैच 2024-26 के विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट प्रक्रिया में शानदार परिणाम दिए हैं। प्लेसमेंट के अंतर्गत 30 से अधिक विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित फार्मेसी रिटेल एवं हेल्थकेयर कंपनी मेडप्लस में हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को ट्रेनी अप्रेंटिस के रूप में रखा जाएगा और फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने के बाद उन्हें फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
अमेरिकी कंपनी में दो विद्यार्थियों का चयन
इसके अलावा संस्थान के दो मेधावी विद्यार्थियों का चयन एक अमेरिकी (यूएस-आधारित) कंपनी में फार्माकोविजिलेंस क्षेत्र के लिए हुआ है। चयनित छात्रों को अस्पताल में निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आगामी तीन माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और उद्योगोन्मुखी शिक्षा का परिणाम है। कुलपति ने विश्वास जताया कि संस्थान भविष्य में भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
निदेशक का बयान
इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक प्रोफेसर अमित कुमार निगम ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ निरंतर समन्वय के कारण विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्लेसमेंट मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में प्लेसमेंट एवं कौशल विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
संस्थान की प्रतिष्ठा में वृद्धि
इस शानदार प्लेसमेंट सफलता ने इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। साथ ही यह आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है। डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय परिवार ने सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
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नई दिल्ली। मौसम 13 जून 2026: देश के कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जहां एक ओर मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। ऐसे में मौसम विभाग ने यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार, केरल, तमिलनाडु समेत 17 राज्यों में 13 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। वहीं 12-13 जून के दौरान तेलंगाना और पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में 12 से 16 जून के दौरान विदर्भ के कुछ इलाकों में हीटवेव चल सकती है।
IMD के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में इसके उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी हुआ एक्टिव आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 13 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा। 13 जून को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम दिल्ली में आंधी-बारिश का अलर्ट (13-14 जून): मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली के आसमान में कल यानी 13 जून को बादलों का डेरा रहेगा। दोपहर के बाद बारिश के साथ आंधी आने की संभावना है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं 14 जून को भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 14 जून को तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक जा सकते हैं।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ आंधी का अलर्ट (13-17 जून): उत्तर प्रदेश के बागपत, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, इटावा, जालौन, झांसी, चित्रकूट, महोबा, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, बांदा, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली समेत कई जिलों में 13 जून को मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 14 से 17 जून के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रहेगी।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम बिहार में बारिश का अलर्ट (13-17 जून): गोपालगंज, वेस्ट चंपारण, सिवान, सारण, भोजपुर, कैमूर, बक्सर, रोहतास, पटना, औरंगाबाद, गया , नवादा, मुगेंर, भागलपुर में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
शहर अधिकतम न्यूनतम दिल्ली 37°C 23°C मुंबई 35°C 29°C चेन्नई 39°C 29°C कोलकाता 34°C 25°C लखनऊ 37°C 26°C पटना 38°C 26°C रांची 38°C 26°C भोपाल 38°C 28°C जयपुर 41°C 23°C शिमला 26°C 14°C नैनीताल 22°C 16°C
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम राजस्थान में आंधी का अलर्ट (13-17 जून): 13 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में तेज आंधी (50-70 किमी/घंटा) की संभावना। 14-17 जून के दौरान आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, अलवर 13 जून तक धूलभरी आंधी का भी खतरा बताया गया है।
उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम उत्तराखंड में गरज के साथ आंधी का अलर्ट (13-15 जून): देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी में 13 से 15 जून के दौरान गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट (13-17 जून): शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सोलन, सिरमौर में 13 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 14-16 जून के दौरान 30-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। 14-17 जून तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।
पंजाब में कैसा रहेगा मौसम पंजाब में बारिश का अलर्ट (13-17 जून): अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, मोहाली, बठिंडा में 13-17 जून तक गरज-चमक और बारिश की संभावना है। वहीं इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं का अलर्ट (13-14 जून): मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 13 और 14 जून को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, कुपवाड़ा समेत कई जिलों में 13 से 17 जून तक रुक-रुककर बारिश जारी रहेगी।
कांजी: कांजी पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह एक बेहतरीन प्रोबायोटिक ड्रिंक है। फर्मेंटेशन के कारण इसमें गुड बैक्टीरिया होते हैं जो गट हेल्थ को हेल्दी रखने में मदद करता है। गर्मियों में होने वाली गैस, अपच, ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में ये सहायक है।
तेज धूप और पसीने के कारण गर्मियों में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगती है। ऐसे में रोज एक गिलास कांजी पीने से शरीर में फ्लूइड बैलेंस बना रहता है, जिससे आप डिहाइड्रेशन और लू से बचते हैं।
गर्मियों में ज्यादातर लोगों को सुस्ती और थकान महसूस होती है। कांजी में मौजूद पोषक तत्व और राई का तीखा-खट्टा स्वाद सुस्ती को तुरंत दूर करके शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है।
चुकंदर और गाजर से बनी कांजी में विटामिन सी, विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है जिससे आप मौसमी बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।
कांजी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन खून को साफ करता है जिससे चेहरे पर ग्लो आता है। इसके सेवन से कील-मुंहासे कम होते हैं और स्किन शाइन करती है।
इजरायल, इंडिया और फ्रांस की तिकड़ी ने तुर्की की टेंशन बढ़ा दी है। इसकी झलक तुर्की के मीडिया और राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन के बयान में साफ दिखती है। राजधानी अंकारा में अपनी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के संसदीय समूह की बैठक में एर्दोगन ने साइप्रस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने वाले देशों खासकर इजरायल को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि तुर्की अपनी संप्रभुता और पूर्वी भूमध्य सागर में तुर्की साइप्रसियों के अधिकारों की खातिर किसी भी खतरे का कड़ा और स्पष्ट जवाब देगा।
एर्दोगन का दावा है कि साइप्रस द्वीप के आसपास तनाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। तुर्की हर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है। चेतावनी दी कि तुर्की साइप्रस समुदाय के अधिकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तुर्की को तीन तरफ से घेर रहा भारत
पाकिस्तान के साथ तुर्की के बढ़ते सैन्य सहयोग का जवाब भारत ग्रीस, साइप्रस और आर्मेनिया के साथ रणनीतिक संबंध प्रगाढ़ करके दे रहा है। भारत की इस रणनीति से तुर्की अब तीन तरफ से घिर रहा है। आर्मेनिया भारत से पिनाका रॉकेट, आकाश मिसाइल और रडार समेत भारी भरकम रक्षा खरीद कर चुका है। अब खबर है कि ग्रीस, साइप्रस और आर्मेनिया ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने पर भी रुचि दिखाई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो तुर्की की मुश्किल बढ़ना बिल्कुल तय है। भारत ने अभी तक सिर्फ फिलीपींस को ही ब्रह्मोस मिसाइल बेची है।
पिछले महीने ही साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलीडेस भारत की तीन दिवसीय यात्रा की थी। नई दिल्ली में उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया कि इस दौरान साइप्रस ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल, नागास्ट्रा-1 और स्काईस्ट्राइकर आत्मघाती ड्रोन खरीदने पर दिलचस्पी जाहिर की। पिछले साल पाकिस्तान के साथ संघर्ष में इनका इस्तेमाल भी किया गया था।
रक्षा मामलों पर लिखने वाले तुर्की के राउफ कोसे का कहना है कि तुर्की के खिलाफ भारत और इजरायल ने साइप्रस को हथियार मुहैया कराने के लिए हाथ मिला लिया है। बदले में हमें पाकिस्तान को और अधिक समर्थन देना होगा। पाकिस्तान और तुर्की को भारत-साइप्रस से मुकाबला करना होगा।
तुर्की ने खींची सीमा रेखा, क्या उलझ जाएगा इजरायल?
इजरायल जहां एक ओर साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा तो वहीं सीरिया और लेबनान में इजरायल के दखल ने भी तुर्की को परेशान कर रखा है। इजरायल ने लेबनान के एक बड़े भू-भाग पर कब्जा कर लिया है। उसकी सेना अब भी बढ़ती जा रही है। यही बात एर्दोगन को खटक रही है।
एर्दोगन ने कहा कि दमिश्क और बेरूत इंस्ताबुल के दो जुड़वां शहर है। तुर्की की की सुरक्षा सिर्फ हाटे (सीमा पर बसा एक शहर) से शुरू नहीं होती है। इसकी शुरुआत दमिश्क, अलेप्पो और बेरूत से होती है। बता दें कि सीरिया में इजरायली सेना की मौजूदगी दमिश्क के करीब है। वहीं लेबनान की राजधानी बेरूत में आए दिन बमबारी से इजरायल संदेश देता है कि उसकी सेना तुर्की के बेहद करीब है।
एर्दोगन ने अपने बयान से एक लकीर खींच दी है। इससे साफ हो गया कि तुर्की कब इजरायल को प्रतिक्रिया देगा। एर्दोगन ने कहा कि सीरिया और लेबनान में थोपी गई व्यवस्थाओं को तुर्की बर्दाश्त नहीं करेगा। दोनों देशों के लोगों के खिलाफ हमलों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मतलब साफ है कि अगर इजरायल लेबनान या सीरिया में और अधिक कार्रवाई करता है तो तुर्की के साथ संघर्ष छिड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
फ्रांस और साइप्रस ने हाल ही में सेना की स्थिति संबंधी समझौता (SOFA) किया है। समझौते के मुताबिक फ्रांस की सेना साइप्रस के सैन्य ठिकानों पर तैनात हो सकती है। उसके बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर सकती है। तुर्की फ्रांस के इस कदम को तनाव बढ़ाने वाला मान रहा है। गुरुवार को ही तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने एक कड़ी चेतावनी जारी की।
तुर्की ने कहा कि फ्रांस का यह समझौता अंतरराष्ट्रीय कानून और 1960 की साइप्रस संधियों के खिलाफ है। तुर्की सशस्त्र बलों के पास साइप्रस तुर्कों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले शत्रुतापूर्ण रवैये का कड़ा जवाब देने की ताकत है। तुर्की का मानना है कि फ्रांस का यह कदम क्षेत्र के संवेदनशील संतुलन को बदल देगा और इसके घातक परिणाम होंगे।
जमीन पर दिखने लगा तनाव
साइप्रस और तुर्की के बीच तनाव का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। तुर्की की सेना युद्धाभ्यास में लगी है। ग्रीक मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि यूरोपीय मंत्रियों और ग्रीक के रक्षा मंत्री के विमान को तुर्की के फाइटर जेट ने परेशान किया। हालांकि तुर्की ने इन खबरों का खंडन किया। उधर, तुर्की ने आरोप लगाया कि 7 जून को ग्रीस-साइप्रस मार्ग पर चार उड़ानों ने तुर्की-साइप्रस हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। एहतियात के तौर पर तुर्की ने तुरंत दो एफ-16 फाइटर जेट को भेजा। उधर, अंताल्या की खाड़ी में तुर्की की नौसेना बड़ा अभ्यास कर रही है। अभ्यास में 60 विमान, 125 जहाज और 18000 सैनिक शामिल है।
साइप्रस से तुर्की की क्यों नहीं बनती?
दशकों से तुर्की और साइप्रस के बीच नहीं बनती है। 1974 से तुर्की ने साइप्रस के करीब एक तिहाई हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है। तुर्की इस इलाके को उत्तरी साइप्रस कहता है। पिछले साल पीएम मोदी ने साइप्रस की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती इलाके का भी दौरा किया था।
मूंग दाल के पकौड़े : मौसम सुहावना हो और शाम की गरमा-गरम चाय के साथ पकौड़े मिल जाए तो इससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता। शाम की चाय के साथ ज्यादातर लोग प्याज और आलू के पकौड़े खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने मूंग दाल का पकौड़ा ट्राय किया है। ये खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है। लेकिन लोगों की शिकायत रहती है कि मूंग दाल के पकौड़े उनसे अच्छे नहीं बन पाते। अगर आपके साथ भी यही समस्या है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपके लिए मूंग दाल पकौड़े की आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं जिसकी मदद से आप आसानी से क्रिस्पी पकौड़े बना सकते हैं। यहां से फटाफट नोट करें रेसिपी।
सामग्री
धुली या छिलके वाली मूंग दाल: 1 कप बारीक कटा प्याज: 1 मध्यम आकार का हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई) अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ) हरा धनिया: आधा कप (बारीक कटा हुआ) साबुत धनिया और सौंफ: 1-1 छोटा चम्मच (दरदरा कुटा हुआ) हींग: 1 चुटकी लाल मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच चाट मसाला: आधा छोटा चम्मच नमक: स्वादानुसार तेल: तलने के लिए बनाने का तरीका
स्टेप 1 – भीगी हुई मूंग दाल का पूरा पानी छान लें। अब मिक्सर में दाल, अदरक और हरी मिर्च डालकर दरदरा पीस लें। याद रखें, पीसते समय पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें या जरूरत पड़ने पर सिर्फ 1 चम्मच पानी डालें। पेस्ट जितना गाढ़ा होगा, पकौड़े उतने ही क्रिस्पी बनेंगे।
स्टेप 2 – पिसे हुए मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकाल लें और हाथों या चम्मच की मदद से 2-3 मिनट के लिए इसे अच्छे से फेंटे। इससे दाल में हवा भर जाएगी और पकौड़े अंदर से सॉफ्ट और बाहर से एकदम कुरकुरे बनेंगे।
स्टेप 3 – अब इस मिश्रण में कुटा हुआ साबुत धनिया-सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
स्टेप 4 – अब कढ़ाई में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो इसमें छोटे छोटे पकौड़े की लोई बनाकर डालें। गैस की आंच को मीडियम कर दें ताकि पकौड़े अंदर तक अच्छी तरह पक जाएं। उन्हें अलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी होने तक तल लें। इसके बाद इसे निकालें और चाय के साथ इसका आनंद उठाएं।
बढ़ी खुदरा महंगाई : खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में ये जानकारी सामने आई। इससे पिछले महीने अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर 3.48 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, मई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 4.78 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.20 प्रतिशत थी।
किन चीजों की कीमतों में हुई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पिछले महीने जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, उनमें कीमती धातुओं से बने आभूषण, टमाटर, अदरक, किशमिश और मुनक्का शामिल हैं। वहीं दूसरी ओ, आलू, मटर, जीरा, मोटर कार, जीप, मोटरसाइकिल और स्कूटर समेत अन्य वस्तुओं की महंगाई दर सबसे कम रही।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए बढ़ाया महंगाई का अनुमान मौद्रिक नीति तय करते समय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है। सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई दर यानी मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है। आरबीआई ने पिछले हफ्ते चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था।
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को ध्यान में रखकर जारी लगाया गया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई के अनुमान को बढ़ाने के पीछे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ने वाले असर और बढ़ती लागत को जिम्मेदार बताया था। पेट्रोल की खुदरा कीमतों में मई से अब तक कुल 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए घटाया देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान विश्व बैंक के ताजा अनुमान के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में कम होकर 6.6 प्रतिशत पर रहेगी। पिछले साल ये 7.7 प्रतिशत थी। हालांकि, वृद्धि दर में गिरावट के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ऊर्जा की ऊंची कीमत और अन्य कच्चे माल की लागत के कारण निजी मांग में कमी आने के कारण वृद्धि दर धीमी पड़ने का अनुमान लगाया गया है।