श्रावस्ती में इन दिनों विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। बौद्ध क्षेत्र से शुक्रवार को 5:00 बजे के बाद जानकारी दी गई की वियतनाम से आए 55 सदस्यीय बौद्ध श्रद्धालुओं के एक दल ने बौद्ध देवानंद की अध्यक्षता में आनंद बोधि वृक्ष पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। उन्होंने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। बौद्ध देवानंद ने इस अवसर पर कहा कि भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं और उनकी शिक्षाएं मनुष्य को शांति, संतुलन, सकारात्मकता और आंतरिक शक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने बताया कि बुद्ध के विचारों को जीवन में अपनाने से मानसिक तनाव कम होता है, साथ ही एकाग्रता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। भगवान बुद्ध की कर्मस्थली होने के कारण श्रावस्ती विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यहां थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, जापान, कोरिया, वियतनाम, चीन, ताइवान और भूटान सहित कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु जेतवन, अंगुलिमाल स्तूप, पक्की कुटी और विभिन्न देशों के बौद्ध मठों में दर्शन, पूजा और ध्यान साधना के लिए पहुंचते हैं। विदेशी श्रद्धालुओं की निरंतर आमद से अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
श्रावस्ती में विदेशी बौद्ध श्रद्धालु की आवाजाही बढ़ी:वियतनाम के 55 सदस्यीय दल पहुंचा, बौद्ध तपोस्थली मे आनंद बोधि वृक्ष पर की पूजा
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