बहराइच में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कपूरथला परिसर स्थित उत्थान ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला के अंतिम दिन शुक्रवार को सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड ने किसानों को संबोधित किया। सांसद डॉ. गोंड ने अपने संबोधन में कहा कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से भूमि की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। डॉ. गोंड ने बताया कि प्रधानमंत्री देशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि विभागीय प्रयासों के चलते जनपद में लगभग 15,000 किसानों ने प्राकृतिक खेती शुरू कर दी है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारें प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यशाला के दौरान सांसद डॉ. गोंड ने प्राकृतिक खेती करने वाले 10 किसानों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी पूरी की। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक व किसान संत कुमार चौबे ने किया। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र त्रिपाठी, नगर पालिका अध्यक्ष सुधा टेकड़ीवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रणविजय सिंह व डॉ. कृष्ण कुमार, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि अशोक जायसवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड ने किसानों को किया सम्मानित:बहराइच में आयोजित हुई प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला
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