नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के कई सांसदों ने प्रदर्शन में भाग लेते हुए परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शन में सपा सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज, जियाउर्रहमान बर्क, राजीव राय, रुचि वीरा और धर्मेंद्र यादव सहित कई नेता शामिल हुए। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर “नीट है या चीट है” जैसे नारे लगाए और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
इस दौरान डिंपल यादव ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों को लाठियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, नीट की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है और देश में लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा।
सपा सांसद इकरा हसन ने भी मामले में नैतिक जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग करते हुए संबंधित जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे की बात कही।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है और आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ सख्ती बरत रही है। उन्होंने कहा कि देश के हजारों छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक प्रकरण में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के युवा सांसदों से छात्रों के आंदोलन के समर्थन में आगे आने और उनका मनोबल बढ़ाने की अपील की।
“नीट है या चीट है” के सांसदों ने लगाए नारे, छात्रों के समर्थन में उतरीं सपा
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