नवाबगंज, बहराइच में शुक्रवार को यौमे आशूरा (10वीं मुहर्रम) का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अलम ताजिया के साथ मातम करते हुए शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के लोगों ने अकीदत के साथ भागीदारी की। मंसूख गांव स्थित कर्बला में ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। यौमे आशूरा, पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा के नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। इस दिन क्षेत्र में बड़े गमगीन माहौल में इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर यादव ने बताया कि मंसूख गांव कर्बला में नवाबगंज, हरिहरपुर, बीजे गांव, मनिहारान गांव और बक्शी गांव सहित विभिन्न स्थानों से आए ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर यादव और राजस्व कर्मी लेखपाल उपेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी जुलूस के साथ मौजूद रहे।
नवाबगंज में निकला मोहर्रम का जुलूस, ताजिए दफन:अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत की याद में किया मातम
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