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करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे और फ्रॉड मामले में म्यूल अकाउंट गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

अंबिकापुर। ऑनलाइन फ्रॉड और सट्टे की अवैध रकम का लेन-देन करने वाले ‘म्यूल अकाउंट’ धारकों के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गांधीनगर पुलिस ने धोखे से अपने ही परिचितों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें आगे बेचने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़े गए आरोपित के पास से बरामद खातों में करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाया गया है। सरगुजा पुलिस ने साफ कर दिया है कि बैंक खातों की अवैध खरीदी-बिक्री करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी वैभव सूर्यवंशी ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नवापारा निवासी सुमित सिंह और अनुज सिंह ने घर बनवाने के लिए पैसों के लेन-देन का बहाना बनाया था।

दोनों ने वैभव की मदद करने के नाम पर आईडीबीआई (IDBI) बैंक में उसके नाम से दो बैंक खाते खुलवाए। खाते खुलने के कुछ दिन बाद आरोपित धोखे से वैभव के खातों का एटीएम कार्ड, चेक बुक और पासबुक मांगकर अपने साथ ले गए।

कुछ समय बाद जब बैंक प्रबंधन ने वैभव को सूचित किया कि उसके एक खाते से 80 लाख और दूसरे खाते से करीब 1 करोड़ रुपये का बड़ा ट्रांजैक्शन हुआ है, तब उसके होश उड़ गए। प्रार्थी ने तुरंत बैंक में आवेदन देकर खाते बंद करवाए और गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

वैभव सूर्यवंशी की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 314/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319, 317(4) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

तफ्तीश के दौरान पुलिस ने संदेही अनुज सिंह (30 वर्ष), निवासी चर्च के सामने, नवापारा को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। आरोपित ने कुबूल किया कि वह सीधे-साधे लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर बैंक खाते हासिल करता था और फिर उन खातों को ऑनलाइन फ्रॉड व सट्टे की रकम को ठिकाने लगाने और आहरण (विड्रॉल) करने के लिए ऊंचे दामों में बेच देता था।

अपराध साबित होने पर पुलिस ने आरोपित अनुज सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस मामले के एक अन्य सह-आरोपित सुमित सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जांच जारी है।

म्यूल अकाउंट्स और अवैध सिम कार्ड की खरीदी-बिक्री के खिलाफ सरगुजा पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर पुलिस ने म्यूल अकाउंट से जुड़े 4 अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए खाता धारकों और सरगनाओं समेत कुल 20 आरोपितों को सलाखों के पीछे भेजा है।

पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद युवाओं से विशेष अपील की गई है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर अपने बैंक खाते या सिम कार्ड किसी अजनबी को न बेचें और न ही ऐसे किसी अनैतिक व आपराधिक कार्यों में संलिप्त हों। इस पूरी कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय और ऋषभ सिंह की मुख्य भूमिका रही।

 

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