खेसरहा ब्लॉक के ग्राम छितही स्थित बिशम्भर मिश्र के निवास पर संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को कथा के आठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। कथावाचक पंडित हनुमान मिश्रा ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता, त्याग, प्रेम और विश्वास की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि जब निर्धन ब्राह्मण सुदामा अपने बाल सखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे, तो द्वारकाधीश कृष्ण ने उन्हें गले लगाकर प्रेमपूर्वक स्वागत किया और उनके चरण धोकर मित्रता की अनूठी मिसाल पेश की। पंडित मिश्रा ने कथा के माध्यम से जरासंध वध, रुक्मिणी विवाह और शिशुपाल वध सहित कई अन्य प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बिना कुछ मांगे ही सुदामा की दरिद्रता दूर कर उन्हें अपार धन-वैभव प्रदान किया। यह प्रसंग सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जो समाज को प्रेम, सहयोग और समर्पण का महत्वपूर्ण संदेश देता है। कार्यक्रम में लवकुश मिश्र, राजकुमार मिश्र, सतीश मिश्र, हरिशंकर मिश्र, बब्लू मिश्र, गुरु जी, संदीप मिश्रा, लाल जी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पर पूरे समय भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।
सिद्धार्थनगर में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन:कथावाचक ने मित्रता का मार्मिक वर्णन किया
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