Homeमुंबई (Mumbai)मुंबई के स्कूलों में न्यूट्रिशन बार का सुरक्षित डिस्ट्रीब्यूशन और स्टोरेज पक्का...

मुंबई के स्कूलों में न्यूट्रिशन बार का सुरक्षित डिस्ट्रीब्यूशन और स्टोरेज पक्का करने के लिए नए SOPs

स्कूल के स्टूडेंट्स को दिए जाने वाले न्यूट्रिशन बार की साफ़-सफ़ाई को लेकर हुए विवाद के बाद, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सप्लीमेंट्री फीडिंग स्कीम के लिए और कड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) जारी किए हैं।(New SOPs aim to ensure safe distribution and storage of nutrition bars in Mumbai schools)

टीचर्स, प्रिंसिपल्स और एजुकेशन इंस्पेक्टर्स को स्टूडेंट्स की हेल्थ की सेफ्टी पक्का करने की पूरी ज़िम्मेदारी

टीचर्स, प्रिंसिपल्स और एजुकेशन इंस्पेक्टर्स को स्टूडेंट्स की हेल्थ की सेफ्टी पक्का करने की पूरी ज़िम्मेदारी दी गई है।नई गाइडलाइंस के मुताबिक, न्यूट्रिशन बार सिर्फ़ ऑथराइज़्ड कॉन्ट्रैक्टर्स से ही खरीदना ज़रूरी होगा। बार्स की एयरटाइट पैकेजिंग, सप्लाई का रिकॉर्ड रखने के लिए अलग रजिस्टर, साथ ही सेफ़ स्टोरेज और सही हैंडलिंग पर खास ज़ोर दिया गया है।इसके अलावा, स्टूडेंट्स के लिए इन बार्स को स्कूल कैंपस के अंदर ही खाना ज़रूरी कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रॉब्लम को तुरंत ठीक किया जा सके।

सेफ्टी के लिए कड़े नियम

SOPs के मुताबिक, अगर बार्स बांटते समय कोई भी सस्पिशियस या ऑब्जेक्शनेबल चीज़ मिलती है, तो तुरंत पंचनामा बनाना होगा। इस प्रोसेस में संबंधित टीचर्स, स्कूल स्टाफ़, प्रिंसिपल और स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के दो पेरेंट रिप्रेजेंटेटिव शामिल होंगे।

स्कूल एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर द्वारा संबंधित बार को चेक किया जाएगा, साइन और सील किया जाएगा और टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा जाएगा। यह फैसला हाल ही में कुछ स्कूलों में न्यूट्रिशन बार की क्वालिटी को लेकर पेरेंट्स और स्टूडेंट्स की शिकायतों के बाद लिया गया है। इसलिए, एडमिनिस्ट्रेशन ने स्टूडेंट्स की हेल्थ के साथ कोई कॉम्प्रोमाइज़ न हो, यह पक्का करने के लिए और सख्त कदम उठाए हैं।

एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने साफ किया कि इन SOPs को लागू करने से सप्लीमेंट्री फीडिंग स्कीम में ट्रांसपेरेंसी और क्रेडिबिलिटी बढ़ेगी। साथ ही, इस पहल का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि स्टूडेंट्स को सुरक्षित और क्वालिटी वाला खाना मिले।

इस बीच, इस स्कीम को असरदार तरीके से लागू करने के लिए स्कूल लेवल पर रेगुलर इंस्पेक्शन, रिकॉर्ड्स का वेरिफिकेशन और जिम्मेदारियों का साफ बंटवारा किया जाएगा। एडमिनिस्ट्रेशन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- मुंबई BMC पानी के लीकेज का पता लगाने के लिए AI और एडवांस्ड टेक का इस्तेमाल करेगी

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments