पटना: खान सर के कोचिंग में 6 राउंड फायरिंग की खबर है। उनके पोस्टर और बैनर को नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उनके ऊपर पहले भी बम से हमला हो चुका है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर मुसल्लहपुर थाने की पुलिस जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस वहां पहुंचकर आस पास के फुटपाथी दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। मुसल्लहपुर थानेदार सितू कुमारी ने मीडिया को बताया है कि गोली चलने की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। सत्यापन किया जा रहा है। हाल में खान सर तब चर्चा में आए, जब उन्होंने एक मीडिया हाउस की बड़ी एंकर को जवाब देते हुए कहा कि हम लोग नोट में चीप नहीं ढूढ़ते हैं। हम लोग किसी के तलवे नहीं चाटते हैं। उसके बाद खान सर ने मीडिया से बातचीत में अपने कोचिंग के बच्चों का ज्यादा संख्या में बिहार पुलिस में चयन होने को लेकर अपना बयान दिया था।
क्या कह रही पुलिस?
घटना की सूचना के बाद खान सर कोचिंग पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैंने कुछ दिन पहले ही अपनी फीस को काफी कम कर दिया है। उसको लेकर आस- पास के कोचिंग संस्थान काफी घबराए हुए हैं। उन्होंने कोचिंग को बम से उड़ाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि ये कोचिंग संस्थानों का काम हो सकता है। मेरे पोस्टर को फाड़ दिया गया है। डराने की कोशिश के लिए फायरिंग कराई गई है। उन्होंने बताया कि उनके कोचिंग का एक गार्ड उसके सिर पर गंभीर चोट आई है। वो पीएमसीएच में भर्ती है। वहीं इस मामले में पटना के सीनियर एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया है कि कुछ छात्रों ने कोचिंग में मारपीट और हंगामा किया है। बयान दर्ज कर एक्शन लिया जाएगा। कोचिंग के सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। आस- पास के लोगों का बयान लिया जा रहा है। जो भी शामिल होगा उस पर एक्शन लिया जाएगा।
क्या बोले डीएसपी?
वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर एक अन्य पुलिस अधिकारी का बयान दूसरा है। टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखा गया है। फायरिंग नहीं हुई है। मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना है। एक दर्जन की संख्या में कुछ लोग पैदल आए थे। इस फुटेज में गार्ड भी दिखे हैं। पहले दो तीन करके आए हैं। उसके बाद एक दर्जन संख्या में प हुंचे हैं। मामले की जांच जारी है। ध्यान रहे कि घटना के बाद वहां लौगों की भीड़ लग गई है।
कौन हैं खान सर?
खान सर, जिनका जन्म 1993 में उत्तर प्रदेश के देवरिया में फैजल खान के रूप में हुआ था, एक प्रसिद्ध भारतीय शिक्षाविद, यूट्यूबर और उद्यमी हैं। वे अपनी आकर्षक शिक्षण शैली और पूरे भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को किफायती शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। खान सर एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं; उनके पिता ठेकेदार थे और माता गृहिणी थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देवरिया के परमार मिशन स्कूल से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और वहां से विज्ञान स्नातक (बीएससी) और विज्ञान स्नातकोत्तर (एमएससी) की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उनके पास भूगोल में कला स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री भी है।
कैसे मिली प्रसिद्धि?
उन्होंने बिहार के पटना में महज छह छात्रों के साथ अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की। उनकी अनूठी, हास्यपूर्ण और सहज शिक्षण विधियाँ शीघ्र ही लोकप्रिय हो गईं, जिसके परिणामस्वरूप कक्षाओं में छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। 2019 में, उन्होंने खान जीएस रिसर्च सेंटर यूट्यूब चैनल लॉन्च किया, जिसके अब 23 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। उनकी सामग्री में सामान्य अध्ययन, इतिहास, भूगोल, राजनीति और समसामयिक विषय शामिल हैं। अपनी पहुंच को और बढ़ाने के लिए, उन्होंने 2021 में खान सर ऑफिशियल ऐप विकसित किया, जो ऑनलाइन पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री प्रदान करता है, जिससे देशभर के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो जाती है।
खान सर की जीवनशैली?
2024 तक, उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹41 करोड़ (लगभग $5 मिलियन) होने का अनुमान है। उनकी आय के स्रोतों में उनका कोचिंग संस्थान, यूट्यूब चैनल, मोबाइल ऐप और प्रकाशित पुस्तकें शामिल हैं। अपनी संपत्ति के बावजूद, वे सादगीपूर्ण जीवनशैली और सस्ती शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं, और अन्य संस्थानों की तुलना में काफी कम शुल्क लेते हैं। उन्होंने निजी जीवन को निजी रखा है। हालांकि, मई 2025 में उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने छात्रों को अपनी शादी की घोषणा की। उस समय सीमा पर तनाव के कारण समारोह को सादे तरीके से आयोजित किया गया था।
खान सर और विवाद
खान सर को अपने असली नाम और धार्मिक पहचान से जुड़े विवादों सहित कई विवादों का सामना करना पड़ा है। 2022 में, रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा के विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इन चुनौतियों के बावजूद, वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अपने मिशन पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
खान सर का प्रभाव
एक छोटे शहर के शिक्षक से राष्ट्रीय शिक्षा जगत के प्रतीक बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। उनकी प्रयोगधर्मी शिक्षण पद्धतियों और किफायती शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने भारत भर में लाखों छात्रों के जीवन को बदल दिया है। वे शिक्षा और समर्पण की शक्ति का जीता-जागता उदाहरण हैं। खान सर का एक छोटे शहर के शिक्षक से राष्ट्रीय व्यक्तित्व बनने तक का सफर शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार के प्रभाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उनकी अनूठी शिक्षण पद्धति, किफायती शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और छात्रों से जुड़ने की क्षमता ने भारत में शिक्षा के परिदृश्य को बदल दिया है। अपने निजी जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, एक शिक्षक के रूप में उनका प्रभाव देश भर में लाखों लोगों को प्रेरित करता रहेगा।












