HomeHealth & Fitnessकानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में धंसाव पर एनएचएआई की बड़ी कार्रवाई

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में धंसाव पर एनएचएआई की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ । कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 64 के पास सड़क में हुए धंसाव के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एनएचएआई ने कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी पर निष्पादन सुरक्षा के दो फीसदी के बराबर जुर्माना लगाने और भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में उसकी पात्रता प्रभावित करने की कार्रवाई की जा रही है।

यह जानकारी बुधवार को एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को कानपुर लखनऊ के बीच नव निर्मित एक्सप्रेसवे के किमी. 64 के पास सड़क के एक हिस्से में धंसाव हो गया था। इसके बाद एनएचएआई ने तत्काल बहाली का काम शुरू कराया। फिलहाल प्रभावित हिस्से पर यातायात डायवर्ट कर दिया गया है और वाहनों का संचालन सुचारु रूप से कराया जा रहा है।

तीन करोड़ रुपये से होगी मरम्मत

एनएचएआई ने कार्यदायी संस्था को प्रभावित हिस्से की पूरी मरम्मत अपने खर्च पर कराने के निर्देश दिए हैं। मरम्मत पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस राशि का भार एनएचएआई पर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा कंपनी की पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स रेटिंग डाउनग्रेड करने की भी प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन हटाए

परियोजना की निगरानी और पर्यवेक्षण में लापरवाही मिलने पर निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है। तीनों को दो साल तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल की किसी भी परियोजना में काम करने से प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। वहीं, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ कथित लापरवाही को लेकर आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्वतंत्र अभियंता कंपनी पर भी कार्रवाई

परियोजना की स्वतंत्र अभियंता कंपनी मेसर्स थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी एनएचएआई ने कार्रवाई शुरू की है। कंपनी को भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने के लिए डिबारमेंट नोटिस जारी किया जा रहा है।

लेजर प्रोफिलोमीटर से होगी पूरे एक्सप्रेसवे की जांच

एनएचएआई अब पूरे परियोजना क्षेत्र की सड़क की गुणवत्ता की जांच करा रहा है। इसके लिए लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सड़क की सतह और पेवमेंट की स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में पेवमेंट विशेषज्ञों की टीम धंसाव की तकनीकी जांच करेगी। समिति धंसाव के मूल कारणों का पता लगाकर आवश्यक सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करेगी।

मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली नहीं

एनएचएआई ने साफ किया है कि प्रभावित हिस्से में पूरी तरह सुधार कार्य होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली स्थगित रहेगी। इस दौरान यात्रियों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। टोल राजस्व में होने वाले नुकसान की वसूली कार्यदायी संस्था से की जाएगी। एनएचएआई का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही के मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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