भोपाल । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच के तीसरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। उन पर तेलंगाना में दर्ज केस को छिपाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा की आपत्ति पर मंगलवार शाम को रिटर्निंग ऑफिसर ने यह फैसला लिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस फैसले के खिलाफ न्यायालय जाने की बात कही।
दरअसल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ भाजपा ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी ने तेलंगाना की हैदराबाद अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है। इसको लेकर पर्यवेक्षक ने कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार शाम तक जवाब मांगा था। आपत्ति पर सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के वरिष्ठ नेता रिटर्निंग अफसर कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।
नामांकन की जांच के दौरान विधानसभा परिसर में दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति भी बनी। नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया ने रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में घुसने की कोशिश की, जिसे पुलिस और विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया।
भाजपा के अनुसार, मामला 2022 का है। हैदराबाद की मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में पूर्व कॉरपोरेटर ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ एक याचिका दायर कर रखी है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी नाम के एक व्यक्ति को राजनीतिक सर्वेक्षण का काम दिया था। इस बीच, श्रीलता ने रेड्डी पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिससे यह पूरा विवाद जुड़ा हुआ है।
भाजपा की ओर से पक्ष रखने वाले अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ लंबित मामले की जानकारी दस्तावेजों में उपलब्ध थी और उस मामले में उनकी ओर से जवाब भी दाखिल किया जा चुका था। इसके बावजूद यह जानकारी शपथ पत्र में शामिल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसी आधार पर भाजपा ने नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। संकेत गुप्ता ने यह भी दावा किया कि संपत्ति संबंधी विवरण में भी विरोधाभास पाया गया, जिसे भाजपा ने अपनी आपत्ति का हिस्सा बनाया था।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं है। उन्हें अदालत से केवल एक नोटिस मिला था। नामांकन रद्द होने के फैसले के खिलाफ हम अदालत जाएंगे।
सिंघार ने कहा कि एक गांधीवादी नारी से भाजपा डर गई। कांग्रेस की जीत और एक ईमानदार महिला उम्मीदवार की बढ़ती स्वीकार्यता से घबराई भाजपा का असली चेहरा आज विधानसभा में बेनकाब हो गया। जब कांग्रेस की जीत स्पष्ट दिखाई दे रही है, तब भाजपा हर प्रकार के साम, दाम, दंड, भेद का सहारा लेकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने आज लोकतंत्र के मंदिर को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की सीट हड़पने के लिए भाजपा राजनीति की सभी मर्यादाएं तोड़ने में जुटी हुई है। पहले कांग्रेस विधायकों को लेकर जा रही फ्लाइट को कथित रूप से लंबे समय तक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई। दूसरे, कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं ने हंगामा भी किया लेकिन भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस उसके इन हथकंडों से डरने वाली नहीं है। कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और भाजपा को अपने प्रयासों में मुंह की खानी पड़ेगी।
इधर, कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर रही है। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद कांग्रेस की चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान के लिए परमीशन मिली। शाम करीब साढ़े 6 बजे 38 विधायकों समेत 75 लोगों को लेकर विमान ने बेंगलुरू के लिए उड़ान भरी, लेकिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायकों को लेकर बेंगलुरू जा रहा विमान रनवे से लौट आया।
दरअसल, कांग्रेस अपनी पार्टी के विधायकों को बेंगलुरू भेजने का फैसला किया था। स्टार एयरलाइंस की चार्टर्ड फ्लाइट दोपहर करीब ढाई बजे भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंची, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कांग्रेस विधायकों के विमान को उड़ने की परमिशन देने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि फ्लाइट को देश में उड़ने की अनुमति नहीं है। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद कांग्रेस की चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान के लिए परमिशन मिली।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। भोपाल में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर नारेबाजी की। वहीं, मंदसौर के शामगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुतला जलाने की कोशिश करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वे सड़क पर बैठकर चक्काजाम करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जबरन सड़क से हटाया। इनमें से कई को घसीटकर गाड़ियों में बैठाया गया। हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया गया।
इधर, मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह कांग्रेस की जानबूझकर की गई चूक है। मतदाता को गुमराह करना, रिटर्निंग ऑफिसर को गुमराह करना, इसमें हमारा क्या रोल है। वे तथ्य को छिपा रहे हैं। ये तो उनकी जिम्मेदारी है।












