श्रावस्ती में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत दवाओं और उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं के आरोप में विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की है। पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव, दो सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच हुई खरीद से संबंधित है। विजिलेंस की गोपनीय जांच में फर्जी भुगतान, सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों का उल्लंघन कर खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि निविदा प्रक्रिया का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से कार्य किए गए। एफआईआर के अनुसार, शासन के निर्देश पर हुई जांच में तत्कालीन सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह और डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने लाभ के लिए चिकित्साधिकारी प्रभारी को मनमानी करने की पूरी छूट दी। दोनों सेवानिवृत्त सीएमओ के खिलाफ प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मेंटेनेंस के कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। आरपी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बिना कार्य किए या आंशिक कार्य करके पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया। इसके अतिरिक्त, बिना निविदा प्रक्रिया के छपाई का कार्य कराए जाने की अनियमितता भी उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों में भी नियमों की अनदेखी की गई। बिना चिकित्सा प्रतिपूर्ति रजिस्टर बनाए ही काम किया गया। वाउचरों के परीक्षण में यह भी आरोप लगे हैं कि 10 से 25 प्रतिशत तक रिश्वत लेकर मानक के विपरीत भुगतान पास किए गए। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि एनआरएचएम में हुई गड़बड़ियों पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रावस्ती में एनआरएचएम घोटाला उजागर:पूर्व कांग्रेस विधायक, दो पूर्व सीएमओ सहित 6 पर विजिलेंस की FIR
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












