ग्रामीण इलाकों के बच्चों और युवाओं को सेहतमंद बनाने और उन्हें योग-व्यायाम की सुविधाएं देने का सरकारी दावा ग्राम पंचायत टीकुर में हवा हवाई साबित हो रहा है। लाखों रुपये की लागत से बना ओपन जिम सेंटर आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि यह योजना केवल कागजों और सरकारी फाइलों तक ही सीमित सिमट कर रह गई है। खानापूर्ति के लिए खड़ा किया ढांचा, उपकरण गायब ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते जिम सेंटर के नाम पर केवल एक ढांचा खड़ा कर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। जिम में युवाओं की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त और आवश्यक मशीनें लगाई ही नहीं गईं। जो इक्का-दुक्का उपकरण लगाए भी गए थे, वे देखरेख और मेंटेनेंस के अभाव में अब इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। जिम परिसर की नियमित साफ-सफाई न होने से वहां चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। इसी बदहाली के कारण सुबह-शाम कसरत करने आने वाले युवाओं और बच्चों का अब यहां से मोहभंग होने लगा है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरा रोष जताया है। ग्रामीण गायत्री देवी ने बताया कि रकार ने गांव के युवाओं के लिए बहुत अच्छी सोच के साथ यह पहल की थी। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से सब बेकार पड़ा है। अगर इसकी सफाई हो और बाकी मशीनें लगें, तभी गांव वालों को फायदा मिलेगा। इब्राहिम ने बताया कि जिम सेंटर में कसरत के नाम पर कुछ भी नहीं है। केवल बजट ठिकाने लगाने के लिए निर्माण कार्य कराया गया है। युवा आते हैं और सुविधाओं के अभाव में निराश होकर लौट जाते हैं। कन्हैया ने बताया कि जनता की कमाई के लाखों रुपये बर्बाद कर दिए गए और व्यवस्था दयनीय है। उच्च अधिकारियों को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई कर सुधार करना चाहिए।” प्रधान बोले— कमियां दूर कर बेहतर बनाएंगे व्यवस्था मामला गरमाने के बाद ग्राम प्रधान अख्तर हुसैन ने सफाई दी है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, “ओपन जिम सेंटर की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। अगर कहीं कोई कमी रह गई है, तो उसका स्वयं निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराया जाएगा, ताकि गांव के युवाओं को इसका पूरा लाभ मिल सके।”
सिद्धार्थनगर में लाखों का ओपन जिम शोपीस:सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण युवाओं को नहीं मिल रहा लाभ
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