प्रयागराज। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा अवमानना आवेदन (सिविल) संख्या 2817/2026 दाखिल की गई है, जिसमें स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर उच्च न्यायालय के आदेश 27 फरवरी 2026 एवं 25 मार्च 2026 का लगातार उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त व्यक्ति द्वारा लगातार पाकिस्तान से धमकियां दिलवाने तथा वादी एवं उनके सहयोगियों पर हमले करवाने जैसी घटनाएं कराई जा रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था एवं व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इन्हीं गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय से निवेदन किया गया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अवमानना की कठोर कार्रवाई की जाए तथा वादी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उक्त अवमानना याचिका पर दिनांक 29 अप्रैल 2026 को उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की कोर्ट संख्या-9 में सुनवाई निर्धारित की गई है, जिसमें वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज स्वयं (In Person) उपस्थित होकर अपनी पैरवी करेंगे।
वादी का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का बार-बार उल्लंघन न केवल न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि कानून के शासन (Rule of Law) के लिए भी गंभीर चुनौती है। अतः न्यायालय से दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।












