वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर से चरणबद्ध तरीके से डीजल और सीएनजी से चलने वाले तीन पहिया वाहनों को हटाया जाएगा। इनकी जगह ई-ऑटो और सामान ढोने वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग ने फैसला लिया कि 1 अक्टूबर 2026 से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) वाले वाहनों को ही डीजल और पेट्रोल दिया जाए।
शुक्रवार को आयोग की 28वीं बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तीन पाहिया वाहनों का रजिस्ट्रेश होगा। गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में यह फैसला 1 जनवरी 2028 और एनसीआर में शामिल बाकी अन्य जिलों में 1 जनवरी 2019 से डीजल और सीएनजी से चलने वाले तीन पहिया वाहनों का पंजीकरण नहीं होगा।
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बैठक में आयोग ने अप्रैल और मई के बीच पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी की समीक्षा की। आयोग ने बताया कि 1 अप्रैल से 15 मई के बीच पंजाब में पराली जलाने की 8,986 घटनाएं सामने आईं। पिछले साल इसी अवधि में 6,474 मामले ही सामने आए थे। हरियाणा में पिछले साल 1 अप्रैल से 15 मई तक पराली जलाने की 1503 घटनाएं सामने आई थीं, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 3,290 हो गया है। आयोग ने संबंधित राज्य सरकार को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।
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आयोग दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों के नेटवर्क को बढ़ाएगा। इसके तहत हरियाणा में 16, दिल्ली में 14, उत्तर प्रदेश में 15 और राजस्थान में एक स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव है। इनकी स्थापना के साथ स्टेशनों की कुल संख्या 157 हो जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 2026-27 में करीब 4.60 करोड़ पेड़, झाड़ियां और बांस के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।












