नई दिल्ली।संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ के नाम से संसद पुस्तकालय भवन स्थित जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, एनडीए के सभी सहयोगी दलों के सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में संसद के मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के विधायी एजेंडे और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय और सदन में एकजुट होकर सरकार का पक्ष रखने पर जोर दिया गया।
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य या केवल केंद्र सरकार का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने के बजाय सभी राज्यों और सभी दलों को मिलकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की जानकारी सामने आई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। साथ ही छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए नीट की पुनर्परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से आयोजित कराया गया और बिना किसी देरी के परिणाम भी घोषित किए गए।
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने सांसदों से कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय युवाओं के हित में एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाए तथा इस अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
बैठक में प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी उल्लेख किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार की पहली प्राथमिकता किसानों का कल्याण है और प्रत्येक समझौता देश तथा किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन भी तेज हो गया है। सोमवार को पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं, जबकि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था।
एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी सांसदों से जनता के बीच सरकार की इस प्रतिबद्धता को मजबूती से रखने का आह्वान किया।












