मोहनलालगंज। मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रात्रि ड्यूटी के दौरान एक फार्मासिस्ट द्वारा खुद को डॉक्टर बताकर मरीज देखने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को मीडिया में खबरें आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) लखनऊ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से हटाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की भूमिका की जांच के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विवादों से पुराना नाता, पहले भी की अभद्रता
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी फार्मासिस्ट विवेक का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह पहले भी कई बार मरीजों और अस्पताल के उच्चाधिकारियों से अभद्रता कर चुका है। वर्तमान अधीक्षक के कार्यभार संभालने से पहले भी उसने इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बदसलूकी की थी। उसके ऐसे कई कारनामे अब अस्पताल परिसर और क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
यह था पूरा मामला
शनिवार सुबह करीब छह बजे मोहनलालगंज कस्बे की निवासी नीतिका अपनी बेटी को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत होने पर सीएचसी लेकर पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल के अधिकांश कर्मचारी सो रहे थे। काफी मिन्नतें करने के बाद एक कर्मचारी ने फार्मासिस्ट विवेक को बुलाया। विवेक ने परिजनों के सामने खुद को डॉक्टर बताते हुए मरीज का इलाज शुरू करने की बात कही।
अधीक्षक के फोन से खुला राज
फार्मासिस्ट के हाव-भाव देखकर जब परिजनों को शक हुआ, तो उन्होंने सीधे सीएचसी अधीक्षक को फोन मिला दिया। अधीक्षक से बातचीत के दौरान खुलासा हुआ कि मरीज को देखने वाला कोई डॉक्टर नहीं, बल्कि फार्मासिस्ट है।
राज खुलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने भी संवेदनशीलता दिखाने के बजाय महज औपचारिकता निभाई। उन्होंने मरीज की समुचित जांच किए बिना ही केवल एक इंजेक्शन लगाने का निर्देश दिया और वापस अपने कक्ष में चले गए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई का इंतजार
इस घटना के बाद से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी में रात्रि ड्यूटी के दौरान लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है; अक्सर रात में डॉक्टरों के न मिलने से मरीजों को भटकना पड़ता है।
सीएमओ लखनऊ ने कहा मामला बेहद गंभीर है। संबंधित फार्मासिस्ट को सीएचसी से हटाने का आश्वासन दिया गया है। रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की भूमिका की भी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि डॉक्टर या अन्य किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”












