बहराइच में संभावित बाढ़ से होने वाली जन-धन की हानि को कम करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित तहसीलों के गांवों में राहत चौपालें और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, सोमवार को तहसील मिहींपुरवा के ग्राम भगड़िया में उप जिलाधिकारी राम दयाल की उपस्थिति में एक राहत चौपाल संपन्न हुई। इन कार्यक्रमों के दौरान ग्रामवासियों को बाढ़ से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन द्वारा 10-10 बाढ़ प्रभावित गांवों का क्लस्टर बनाकर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। साथ ही, गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों और बच्चों की सूची तैयार की जा रही है, जो बाढ़ के दौरान विशेष ध्यान की आवश्यकता वाले समूह हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के लिए रूट चार्ट भी तैयार किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता, सफाई कर्मी, ग्राम पंचायत अधिकारी, स्वयंसेवक और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक टीम का गठन किया जा रहा है। जनपद में कुल 44 बाढ़ चौकियां, 48 सामुदायिक रसोई, 45 राहत वितरण केंद्र और 43 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं। समस्त बाढ़ प्रभावित तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए ऊंचे और सुरक्षित स्थानों को चिन्हित कर शरणालय बनाए जा रहे हैं। बाढ़ चौकियों के संचालन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जा रहे हैं और राहत शिविर ऐसी जगहों पर स्थापित किए जा रहे हैं जहां लोग आसानी से पहुंच सकें।
बहराइच में बाढ़ से बचाव की तैयारी:जिलाधिकारी के निर्देश पर राहत चौपालें और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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