शोहरतगढ़ तहसील के स्टांप वेंडरों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और सब-रजिस्ट्रार शोहरतगढ़ को सौंपा। वेंडरों ने शासनादेश में संशोधन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में स्टांप वेंडरों ने बताया कि हाल ही में जारी ई-पंजीकरण एवं स्टांप व्यवस्था संबंधी शासनादेशों के कारण प्रदेश भर के हजारों स्टांप वेंडरों और उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि स्टांप वेंडरों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किए जाएं। वेंडरों की छह प्रमुख मांगों में स्टेशनरी एवं प्रिंटिंग व्यय का समाधान, छोटे मूल्य के स्टांपों पर फॉर्म संख्या-3 की अनिवार्यता समाप्त करना, नीति निर्माण में एसीसी (ACC) की भागीदारी सुनिश्चित करना, स्टांप वेंडर कल्याण अधिनियम लागू करना, लोकसेवक का दर्जा मिलने पर संबंधित सुविधाएं प्रदान करना और सभी मूल्य वर्ग के स्टांप पेपरों के लिए पर्याप्त मात्रा में कलर पेपर उपलब्ध कराना शामिल हैं। ज्ञापन के माध्यम से स्टांप वेंडरों ने शासनादेश संख्या 2523/4 जून 2026 के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने और उन्हें नई ई-पंजीकरण व्यवस्था में समायोजित करने की भी मांग की, ताकि उनके रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने को बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान कालिका प्रसाद उपाध्याय, रामकेश्वर मिश्रा, उमेश चंद्र पांडेय, गुलाबचंद गुप्ता, विजय कुमार पांडेय और नरसिंह लाल श्रीवास्तव सहित तहसील क्षेत्र के कई स्टांप वेंडर उपस्थित रहे।
स्टांप वेंडरों का धरना-प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:ई-पंजीकरण व्यवस्था में संशोधन सहित छह सूत्रीय मांगें उठाईं
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