Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)बहराइच के विशेश्वरगंज-इकौना मार्ग पर जलभराव:बारिश में डूबी सड़क, लोक निर्माण विभाग...

बहराइच के विशेश्वरगंज-इकौना मार्ग पर जलभराव:बारिश में डूबी सड़क, लोक निर्माण विभाग के दावों पर उठे सवाल


विशेश्वरगंज क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश से विकास कार्यों की पोल खुल गई है। विशेश्वरगंज-इकौना मार्ग पर मन्नीटांड तिराहे से खानपुर मल्लोह सहित दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग जलभराव की चपेट में आ गया है। सड़क के तालाब में तब्दील होने से हजारों ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीती रात हुई बारिश के बाद सड़क के कई हिस्सों में पानी भर गया। जलभराव के कारण गहरे गड्ढे पानी में छिप गए हैं, जिससे बाइक सवारों, साइकिल चालकों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति हर साल बरसात में बनती है, लेकिन संबंधित विभाग केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बचता रहा है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि अवर अभियंता (जेई) सत्यवान यादव को सड़क के गड्ढे भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जेई सत्यवान यादव ने स्पष्ट किया कि बरसात के दौरान सड़क का निर्माण या मरम्मत संभव नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब शासन स्तर से बरसात शुरू होने से पहले सभी सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश जारी किए गए थे। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। विकास द्विवेदी, अजीत पाण्डेय, लल्ला बाबा, लालमणि, धर्मेंद्र पाल, ननकऊ, सन्नो बाबा, दिनेश कुमार, राममूर्ति, अजय गोस्वामी, कमलेश सोनी, पवन कुमार यादव, राजेश विश्वकर्मा, धनलाल विश्वकर्मा और सतीश चौधरी सहित स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments