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उप्र में फर्जी तरीके से आधार अपडेट करने वाले गिरोह का खुलासा, दो आरोपित गिरफ्तार

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज साइबर थाने की पुलिस टीम ने शनिवार को यूआईडीएआई की सुरक्षा प्रणाली को बायपास कर अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपितों के कब्जे से तीन लैपटॉप, तीन एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन, चार फिंगर स्कैनर, 19 बायोमेट्रिक उपकरण, स्टोरेज डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।

यह जानकारी पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम सागर जैन ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के जगापुर गांव निवासी लवकुश यादव और फतेहपुर जनपद के मूल निवासी पवन शरण जो वर्तमान में कानपुर नगर में रहता है। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना में दर्ज मुकदमा संख्या 50/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई ।

उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपित यूआईडीएआई की अधिकृत प्रणाली को तकनीकी तरीके से बायपास कर किसी अन्य आधार ऑपरेटर की यूजर आईडी और पिन का दुरुपयोग करते थे। कुछ तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर आधार प्रणाली में अनधिकृत प्रवेश किया जाता था और आधार नामांकन तथा आधार अपडेट का कार्य किया जाता था।

पूछताछ में यह भी पता चला कि वर्ष 2020 में एक निजी कंपनी में आधार ऑपरेटर के रूप में कार्य करने के दौरान आरोपिताें को इस प्रक्रिया की जानकारी मिली थी। बाद में कुछ लोगों के संपर्क में आकर उन्होंने इस अवैध नेटवर्क से जुड़कर आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम शुरू कर दिया। इसके बदले प्रत्येक आधार ऑपरेटर की आईडी सक्रिय कराने और प्रत्येक आधार बनाने या अपडेट करने पर निर्धारित रकम ली जाती थी।

उन्होंने बताया कि आरोपिताें के कब्जे से तीन लैपटॉप, तीन एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन, चार फिंगर स्कैनर, आठ स्टोरेज डिवाइस (पांच हार्ड डिस्क और तीन पेन ड्राइव), 19 बायोमेट्रिक उपकरण (कैनफुगर और ग्रामटेक एवं मॉर्फो आदि), तीन हिसाब-किताब की बुकें तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। सागर जैन ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आधार जैसी महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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