श्रावस्ती के इकौना स्थित प्रसिद्ध सीताद्वार मंदिर की पवित्र झील और राप्ती नदी से जल लेकर सैकड़ों शिवभक्त रविवार को कांवड़ यात्रा पर निकले। ये श्रद्धालु गोंडा के पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर और श्रावस्ती के विभूतिनाथ महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सावन माह के अवसर पर शुरू हुई इस यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सीताद्वार मंदिर परिसर की झील और राप्ती नदी का जल अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी आस्था के कारण हर साल सावन मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां से जल भरकर पैदल या वाहनों से पृथ्वीनाथ महादेव और विभूतिनाथ महादेव मंदिरों तक पहुंचते हैं। रविवार को टंडवा महंत, राप्ती नदी क्षेत्र और आसपास के गांवों से सैकड़ों शिवभक्तों ने पूजा-अर्चना के बाद कलश और कांवड़ में पवित्र जल भरा। यात्रा के दौरान “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं में सावन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखी गई। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि सीताद्वार की पवित्र झील और राप्ती नदी के जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही आस्था हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को इस धार्मिक परंपरा से जोड़ती है।
कांवड़िए सीताद्वार से जल लेकर पृथ्वीनाथ-विभूतिनाथ धाम रवाना:इकौना में सावन में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई यात्रा
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