डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन पर प्रतिबंध के सरकारी दावों के बावजूद, कस्बे और ग्रामीण अंचलों में इनकी धड़ल्ले से बिक्री और उपयोग जारी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आते हैं। क्षेत्रीय निवासियों धर्मेंद्र पाण्डेय, ऐस मोहम्मद, अहमद वहीद, राम अचल, इमामुद्दीन और अतुल सहित कई लोगों का कहना है कि शहर के बाजारों से लेकर शादी-समारोहों तक में प्रतिबंधित पॉलिथीन, प्लास्टिक और थर्माकोल की प्लेटें, कटोरी, गिलास और चम्मच का उपयोग खुलेआम किया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्लास्टिक विरोधी अभियान केवल कागजों तक सीमित है। इस संबंध में डुमरियागंज के एसडीएम विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि जिम्मेदारों से जवाब तलब कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि शासनादेश का अनुपालन करना सभी अधिकारियों का दायित्व है। लोगों के अनुसार, सब्जी और फल मंडियों में बिना किसी डर के पॉलिथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। मैरिज होम और पार्टियों में उपयोग के बाद थर्माकोल की प्लेटें और गिलास डस्टबिन की बजाय सड़कों और नालों के किनारे फेंके जा रहे हैं। नगर प्रशासन की भूमिका इस अभियान के नाम पर केवल कभी-कभार औपचारिकता पूरी करने तक सीमित है। प्रतिबंधित पॉलिथीन और डिस्पोजल के खिलाफ बाजारों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप, परचून और सब्जी विक्रेता उपभोक्ताओं को बेखौफ होकर प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं। यह प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक नालों और तालाबों में फेंका जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि नालियां चोक होने से जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि डुमरियागंज नगर प्रशासन ने लंबे समय से शहर में प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ कोई बड़ा जब्तीकरण या जुर्माने का अभियान नहीं चलाया है। जिम्मेदारों की सुस्ती से दुकानदारों और थोक व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं। इसके अलावा, आम जनता को कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने वाला कोई भी जागरूकता अभियान शहर में दिखाई नहीं दे रहा है।
डुमरियागंज में प्रतिबंधित पॉलिथीन, डिस्पोजल की धड़ल्ले से बिक्री:पर्यावरण संरक्षण के सरकारी दावे बेअसर, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई
RELATED ARTICLES












