बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना 2027 के लिए चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन मंगलवार को महामाया पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को घरों की गणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, ताकि जनगणना कार्य को सही और सटीक तरीके से पूरा किया जा सके। प्रशिक्षकों ने जनगणना के दौरान प्रत्येक घर की सही पहचान और गिनती के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि घर और उपघर (सब-हाउस) का निर्धारण कैसे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनगणना में उपयोग होने वाले विशेष चिन्हों और कोड के बारे में भी समझाया गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि पक्के, कच्चे और अर्धपक्के जैसे विभिन्न प्रकार के घरों की पहचान कैसे की जाए और उन्हें सही तरीके से रिकॉर्ड कैसे किया जाए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार्ज अधिकारी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इनमें तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती प्रमुख रूप से शामिल थे। प्रशिक्षण देने वालों में शमशेर यादव, नागेंद्र यादव, केके गुप्ता सहित अन्य अनुभवी प्रशिक्षक शामिल थे। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे वे फील्ड में बिना किसी त्रुटि के कार्य कर सकें। जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है, जो सरकार को आबादी, संसाधनों और विभिन्न योजनाओं के लिए सटीक डेटा उपलब्ध कराती है। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए पूरी तरह सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जनगणना 2027 प्रशिक्षण का दूसरा दिन:बांसी तहसील में कर्मियों को घर-घर गिनती के गुर सिखाए गए
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