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जीएसटी कटौती, फैमिली आईडी और पीएम सूर्यघर योजना पर सचिवों को मिला प्रशिक्षण

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कौशाम्बी। जिले में विकास भवन स्थित सरस हॉल में शुक्रवार को जिले के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों, विकास खण्ड स्तर पर तैनात सहायक लेखाकार/लेखाकार, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं खण्ड विकास अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों एवं क्षेत्र पंचायतों के वित्तीय कार्यों, योजनाओं की प्रगति तथा प्रशासनिक दायित्वों को लेकर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए गए।प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त वाणिज्य कर एवं अन्य प्रशिक्षक दल द्वारा ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों द्वारा विभिन्न मदों में किए जाने वाले भुगतानों पर जीएसटी एवं टीडीएस की दो प्रतिशत कटौती प्रत्येक स्थिति में अनिवार्य रूप से किए जाने के संबंध में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।परियोजना निदेशक मनोज वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में चयनित लाभार्थियों की पात्रता जांच के लिए एक जून से 10 जून तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं की बैठक आयोजित कर पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाए, जिससे योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।उपायुक्त एनआरएलएम ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा से जुड़े पात्र श्रमिक परिवार, जो अभी तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़े हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से समूहों से जोड़ा जाए। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रति सप्ताह कम से कम एक स्वयं सहायता समूह का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान समय में 9197 फैमिली आईडी बनना अभी शेष है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने विकास खण्ड स्तर पर नियमित समीक्षा करते हुए लंबित फैमिली आईडी शीघ्र बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रैंकिंग में जनपद की स्थिति बेहतर बनी रहेगी।मुख्य विकास अधिकारी ने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर की ग्राम पंचायतों में न्यूनतम तीन सोलर पैनल स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सचिवों से कहा गया कि वे ग्रामीणों को योजना के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करें, ताकि विद्युत समस्या में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के ऑडिट प्रस्तरों की प्रस्तरवार समीक्षा भी की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि संबंधित सचिव एक सप्ताह के भीतर पैरावार उत्तर अभिलेखीय साक्ष्यों सहित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय से उत्तर प्रस्तुत न किए जाने पर संबंधित सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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