Homeमुंबई (Mumbai)शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे को दूसरी बार “संसद रत्न पुरस्कार”...

शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे को दूसरी बार “संसद रत्न पुरस्कार” घोषित

देश के उत्कृष्ट सांसदों को प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित “संसद रत्न पुरस्कार 2026” के लिए शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे का चयन किया गया है। विशेष बात यह है कि उन्हें यह सम्मान दूसरी बार प्राप्त हो रहा है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। एक बार फिर उनकी प्रभावशाली संसदीय कार्यशैली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।(Shiv Sena MP Dr. Shrikant Eknath Shinde declared the “Sansad Ratna Award” for the second time)

लगातार जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने संसद में लगातार जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया है। देशहित से जुड़े विषयों पर उनकी अध्ययनपूर्ण प्रस्तुति, विकास, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, युवा, रोजगार तथा शहरी विकास से संबंधित मुद्दों पर सक्रिय भूमिका के साथ-साथ पिछले एक वर्ष के दौरान प्रस्तुत किए गए छह महत्वपूर्ण निजी विधेयकों को देखते हुए उनका चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया है।

देशभर से 10 लोकसभा सांसद, 2 राज्यसभा सांसद तथा 4 संसदीय समितियों के सदस्यों का चयन

संसद रत्न पुरस्कार समिति की घोषणा के अनुसार, इस वर्ष देशभर से 10 लोकसभा सांसद, 2 राज्यसभा सांसद तथा 4 संसदीय समितियों के सदस्यों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में संसद में उपस्थिति, चर्चाओं में सहभागिता, पूछे गए प्रश्नों की गुणवत्ता, जनहित के मुद्दों पर निरंतर फॉलोअप, निजी विधेयक तथा समग्र संसदीय योगदान का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।

“संसद रत्न पुरस्कार” की स्थापना वर्ष 2010 में

“संसद रत्न पुरस्कार” की स्थापना वर्ष 2010 में “प्राइम पॉइंट फाउंडेशन” द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। इस पुरस्कार का उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाना तथा जनप्रतिनिधियों को संसद में प्रभावी रूप से जनता के मुद्दे उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस पुरस्कार के चयन में संसद के आधिकारिक आँकड़े, पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च तथा लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की जानकारी का आधार लिया जाता है। निर्णायक मंडल में पूर्व संसदीय अधिकारी, संवैधानिक विशेषज्ञ तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का समावेश होता है। इसी कारण “संसद रत्न पुरस्कार” को संसदीय क्षेत्र का अत्यंत प्रतिष्ठित और विश्वसनीय सम्मान माना जाता है।

कल्याण लोकसभा क्षेत्र से जुड़े अनेक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पिछले कुछ वर्षों में संसद में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महाराष्ट्र, विशेषकर कल्याण लोकसभा क्षेत्र से जुड़े अनेक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया है। रेलवे, परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाएं, शहरी विकास, अधोसंरचना, रोजगार सृजन, युवाओं के मुद्दे, पर्यावरण तथा आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर उन्होंने लगातार आवाज उठाई है।

विकासोन्मुख नीतियों का समर्थन करते हुए जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाने की उनकी शैली संसद में विशेष रूप से सराही गई है। अध्ययनपूर्ण प्रस्तुति और जनहित के मुद्दों पर निरंतर फॉलोअप के कारण उन्हें दूसरी बार यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि महाराष्ट्र के लिए भी गर्व का विषय है। इस वर्ष के संसद रत्न पुरस्कारों में महाराष्ट्र के पांच प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों को स्थान मिला है। डॉ. श्रीकांत शिंदे को यह सम्मान मिलने पर विभिन्न स्तरों से उन्हें बधाइयाँ दी जा रही हैं और इसे उनके संसदीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता माना जा रहा है।

संसद में प्रस्तुत किए 6 महत्वपूर्ण निजी विधेयक

डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने पिछले एक वर्ष के दौरान संसद में सामाजिक, शैक्षणिक, तकनीकी, कानूनी और जनकल्याण से जुड़े 6 महत्वपूर्ण निजी विधेयक प्रस्तुत किए। उनकी इस प्रभावशाली संसदीय भूमिका को संसद रत्न पुरस्कार 2026 के चयन में विशेष महत्व दिया गया है।

डॉ. शिंदे द्वारा प्रस्तुत विधेयकों में —

– डीपफेक रेगुलेशन बिल

– राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा नियंत्रण एवं आपदा पीड़ित कल्याण बोर्ड विधेयक

– गौ संरक्षण एवं संवर्धन विधेयक

– अनाथ बाल कल्याण एवं विकास विधेयक

– निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार संशोधन विधेयक

– एडवोकेट्स संशोधन विधेयक शामिल हैं।

इन विधेयकों के माध्यम से उन्होंने आधुनिक तकनीकी चुनौतियों, आपदा प्रबंधन, शिक्षा सुधार, कानूनी सुधार, सामाजिक सुरक्षा तथा जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय संसद में प्रभावी ढंग से उठाए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका को प्रभावी ढंग से रखा

ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का चेहरा विश्व के सामने लाने के लिए विभिन्न देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे गए थे। इनमें से एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने किया।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE), लाइबेरिया, सिएरा लियोन और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की यात्रा के दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा भारत की “जीरो टॉलरेंस टू टेररिज्म” नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संसद में प्रभावशाली कार्य के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देशहित की भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत करना डॉ. श्रीकांत शिंदे के संसदीय जीवन की एक महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव काउंसिल के 16 लोकल बॉडी चुनाव क्षेत्रों के लिए दो साल में एक बार होने वाले चुनाव का शेड्यूल घोषित

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments