ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद लौटे हैं। शनिवार को ही अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। बैठक में ईरान ने पाकिस्तान को अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। ईरान ने पाकिस्तान को अपनी मांगों की एक सूची भी सौंपी थी।
बाद में पाकिस्तान को यह सूची अमेरिकी प्रतिनिधिमंल को सौंपनी थी। मगर ट्रंप के दखल के बाद सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचने वाला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन से रवाना ही नहीं हुआ। जवाब में अराघची ने लिखा, ‘उन्हें अभी यह देखना बाकी है कि क्या अमेरिका वाकई कूटनीति को लेकर गंभीर है।’
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अब्बास अराघची शनिवार को पाकिस्तान से सीधे ओमान पहुंचे। यहां करीब 18 घंटे का समय बिताया। पाकिस्तान दोबारा लौटने से पहले कतर के प्रधानमंत्री, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। मीडिया रिपोर्टस में बताया जा रहा है कि इन फोन कॉल्स में युद्ध समाप्त करने का खाका खींचा गया। सहमति बनने के बाद अब्बास अराघची दोबारा पाकिस्तान लौटे। यहां वह दोबारा असीम मुनीर और शहबाज शरीफ के साथ बातचीत करेंगे, ताकि अमेरिका तक ईरान की चिंताओं और मांगों को पहुंचाया जा सके।
पाकिस्तान यात्रा से पहले कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी अराघची ने दी। उन्होंने कहा, युद्धविराम से संबंधित घटनाक्रमों और इसके सुदृढ़ीकरण में आने वाली चुनौतियों पर वार्ता हुई। शेख मोहम्मद को युद्ध समाप्त करने और तनाव कम करने के लिए ईरान के इस्लामी गणराज्य के राजनयिक प्रयासों के बारे में जानकारी दी।।
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अमेरिका और ईरान के बीच सबसे अधिक टकराव का बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य बना है। ट्रंप प्रशासन हर हाल में इसे खोलना चाहता है। तेहरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत अमेरिका ने उसकी नाकेबंदी कर दी। जवाब में ईरान ने सभी के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। 13 अप्रैल से अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी है।
इस बीच ईरान की संसद में दूसरे उप-अध्यक्ष अली निकजाद ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर होर्मुज जलडमरूमध्य को उसकी पूर्व स्थिति में वापस नहीं लाएंगे, क्योंकि यह इस्लामी क्रांति के नेता का आदेश है। मतलब साफ है कि युद्ध से पहले वाले हालात होर्मुज में देखने को नहीं मिलेंगे। वहीं अमेरिका के लिए इसे खुलवाना नाक का सवाल बन गया है।












