HomeHealth & Fitnessसोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में...

सोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोग झुलसे

सोनभद्र। प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाम करीब साढ़े चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) के झटके से अलग-अलग गांवों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

ग्राम डुमरडीहा निवासी सुनीता देवी (38) पत्नी ओमप्रकाश अपने घर की खिड़की के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गईं।ग्राम बघाडू में बेबी देवी (32) पत्नी विनय अपने बच्चों के साथ घर के बाहरी कमरे में मौजूद थीं। बिजली के जोरदार झटके के असर से बेबी देवी मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। 

सबसे दुखद वाकया बरखोहरा गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य वज्रपात का शिकार हो गए। अमरनाथ की पत्नी मनीषा देवी (28), पुत्री नंदनी (8) और माता शकुंतला देवी (45) घर के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बिजली के तेज झटके ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।सीएचसी दुद्धी में लाए गए सभी पांचों मरीजों का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।”

मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज कड़क और तूफान के दौरान घरों से बाहर न निकलें। खिड़की-दरवाजों से दूर रहें और किसी भी हाल में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरिक्षत पक्के मकानों में रहना ही बचाव का एकमात्र उपाय है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments