आल यूपी स्टाम्प वेंडर्स एसोसिएशन की तहसील इकाई बांसी ने सोमवार, 15 जून को एक दिवसीय हड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को सौंपा गया। एसोसिएशन ने जून 2026 से उत्पन्न होने वाले रोजी-रोटी के संकट के समाधान की मांग की। उनके अनुसार, 10,000 स्टाम्प कमीशन एजेंट (एससी) और 10,000 स्टाम्प वेंडर्स के लगभग एक लाख परिवार एक झटके में बेरोजगार होने की कगार पर हैं। उन्होंने एथराइज्ड कलेक्शन सेंटर की छह सूत्रीय व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की भी अपील की। ज्ञापन में ‘केरला केस (2006) 4 अधिकृत संग्रह केंद्र 327’ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया, जिसने ‘वैध प्रत्याशा’ के तहत उन्हें हटाने से रोका है। विक्रेताओं का दावा है कि उन्हें प्रति स्टाम्प जारी करने पर 5 रुपये का नुकसान होता है, जिससे लाभ की कोई संभावना नहीं रहती। स्टाम्प विक्रेताओं ने फॉर्म-3 प्रिव्यू के अंबार लगने और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि 2019 से फॉर्म-3 प्रिव्यू का ढेर लग गया है, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी यह नहीं बताता कि इन फॉर्मों को कब तक संरक्षित रखना है। जबकि रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीआरए) की है, फिर भी अधिकृत संग्रह केंद्रों को इसके लिए बाध्य किया जाता है। इस हड़ताल में संतोष कुमार मिश्रा (पूर्व सह प्रदेश अध्यक्ष), रमेश चंद्र श्रीवास्तव, संतोष कुमार अग्रहरी (पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष), मनोज कुमार दुबे, सादुल्लाह खान, उर्मिला देवी और जगदीश प्रसाद सहित कई अन्य स्टांप विक्रेता शामिल रहे।
बांसी में स्टांप विक्रेताओं ने की एक दिवसीय हड़ताल:रोजी-रोटी के संकट और नई पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ, ज्ञापन सौंपा
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












