लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को श्रम संघों एवं सेवा संगठनों के साथ वार्ता प्रारंभ करने से पहले आंदोलन के दौरान की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्थक एवं परिणामोन्मुख वार्ता के लिए विश्वास एवं सौहार्द का वातावरण आवश्यक है, जो उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस लिए बिना संभव नहीं है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा हीनता समाप्त करने की बात लगातार उठाए जाने के बाद अंततः पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने अगले सप्ताह कुछ श्रम संघों एवं सेवा संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। यह स्वागत योग्य कदम है। हालांकि बेहतर होता कि प्रबंधन सीधे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश से वार्ता करता, क्योंकि संघर्ष समिति के बैनर तले ऊर्जा निगमों के 16 प्रमुख श्रम संघ एवं सेवा संगठन कार्यरत हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सौहार्दपूर्ण वातावरण में होना चाहिए ताकि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। इसके लिए आवश्यक है कि वार्ता से पहले सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस ली जाएं। संघर्ष समिति ने बताया कि मार्च 2023 के आंदोलन के फलस्वरूप अनेक नियमित कर्मचारियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई थी, जिन्हें आज तक समाप्त नहीं किया गया है। इससे संबंधित कर्मचारियों के सेवा संबंधी हित प्रभावित हो रहे हैं। जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके सेवानिवृत्ति लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं। दुर्भाग्यवश इनमें से कुछ कर्मचारियों का निधन भी हो चुका है, जिससे उनके परिवार अनावश्यक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
सार्थक वार्ता के लिए सकारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक :संघर्ष समिति
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












