HomeHealth & Fitnessसंभल में बाेले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद- भाजपा का हिंदुत्ववाद नकली

संभल में बाेले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद- भाजपा का हिंदुत्ववाद नकली

संभल। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा के हिन्दुत्व को नकली

बताया। उन्होंने जनपद संभल में मुसलमानों के कब्जे वाली जगह से तीर्थ के जीर्णोद्धार की सरकारी पहल की सराहना की औरइसे अच्छा कदम बताते हुए उसका स्वागत किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गायों की रक्षा के लिए अपनी 81 दिवसीय ‘गविष्ठी यात्रा’ के तहत आज संभल

पहुंचे। उन्होंने अपनी यह यात्रा 3 मई से शुरू की और उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने का लक्ष्य रखा है। संभल शहर के थाना रायसत्ती क्षेत्र में मुरादाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में सुबह 8:40 बजे उन्होंने एक सभा काे संबोधित किया।

 

जनपद संभल में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुसलमानों के कब्जे वाली जगह से तीर्थ के जीर्णोद्धार की सरकारी पहल की सराहना की। उन्होंने इसे अच्छा कदम बताते हुए इसका स्वागत किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब काशी में पौराणिक मंदिरों और उनकी मूर्तियों को तोड़ा गया, तब सरकार का हिंदुत्व कहां था। काशी में जिन मंदिरों पर हिंदुओं का अधिकार था, उन्हें तोड़कर नाले में फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास सरकार के कार्यों का आकलन करेगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि हिंदुओं के लिए औरंगजेब से भी अधिक अन्यायी वे लोग थे। उन्होंने भाजपा के हिंदुत्ववाद को ‘नकली’ बताते हुए कहा कि जो वेद नहीं मानते, वे ‘नकली हिंदू’ हैं। अपने व्याख्यान में उन्होंने इसके प्रमाण भी दिए। स्वामी ने कहा कि असली हिंदू वेद-शास्त्रों और गुरु को मानते हैं, जबकि ये लोग ऐसा नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि असली हिंदू पतिव्रता पत्नी को मानते हैं। उन्होंने समलैंगिकता और व्यभिचार (एडल्ट्री) को अपराध न मानने वाले कानूनों का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या ये छूटें हिंदू संस्कृति के अनुरूप हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि जब कोई दल हिंदू संस्कृति के विपरीत काम करता है, तो उसे ‘नकली हिंदू’ कहा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल सार्वजनिक रूप से खुद को ‘हिंदू पार्टी’ बताते हैं, जबकि चुनाव आयोग में पंजीकरण के लिए वे शपथ पत्र में खुद को ‘धर्मनिरपेक्ष पार्टी’ घोषित करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की सभी पार्टियां धर्मनिरपेक्ष हैं क्योंकि चुनाव आयोग धर्मनिरपेक्षता की शपथ के बिना पंजीकरण नहीं करता। उन्होंने इस विरोधाभास को ‘पहला झूठ’ बताया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भले ही तकनीकी कारणों से यह मजबूरी हो, लेकिन जब उनके आचरण हिंदू धर्म के विपरीत हों, तो उन्हें हिंदू पार्टी कैसे माना जा सकता है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि ऐसे दल हिंदू धर्म के विपरीत काम कर रहे हैं और हिंदू का नाम ले रहे हैं, इसलिए वे ‘नकली हिंदू’ ही हैं।

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