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प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा

कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।

पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।

घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

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