बाराबंकी। सतरिख थाना क्षेत्र की मोहदीपुर पुलिस चौकी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए छह दिनों के अथक प्रयास के बाद एक बिछड़ी महिला को उसके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई को मोहदीपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत जैसाना गांव के पास एक महिला असहाय एवं भ्रमित अवस्था में ग्रामीणों को दिखाई दी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना मोहदीपुर पुलिस चौकी को दी।
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी संजय कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को अपने संरक्षण में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। महिला की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह अपने बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ थी।
पूछताछ के दौरान वह अपना नाम “रोनी” बता रही थी, जिससे उसकी सही पहचान स्थापित करने में कठिनाई हो रही थी। पुलिस ने पहले महिला को प्राथमिक उपचार दिलाया और उसके बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान महिला लगातार पुलिस की निगरानी में रही।
महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए मोहदीपुर पुलिस चौकी की टीम लगातार प्रयास करती रही। कई स्तरों पर जानकारी जुटाने और विभिन्न माध्यमों से संपर्क करने के बाद पुलिस को सफलता मिली। जांच में महिला की सही पहचान फूलबानो के रूप में हुई, जो ग्राम गंगागढ़, थाना सोरों, जनपद कासगंज की निवासी है।
लगातार छह दिनों की मेहनत के बाद पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित किया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 13 जुलाई को फूलबानो को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
कई दिनों बाद अपनी परिजन को सुरक्षित पाकर परिवार के लोग भावुक हो गए और उन्होंने सतरिख पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पूरी टीम की सराहना की। परिजनों ने कहा कि पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता के कारण ही उनकी बिछड़ी हुई महिला सुरक्षित वापस मिल सकी।
इस सराहनीय कार्य में मोहदीपुर चौकी प्रभारी संजय कुमार यादव, कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल पवन यादव, हेड कांस्टेबल चंद्रवीर, महिला कांस्टेबल आयुषी तथा महिला कांस्टेबल रेखा कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम के इस मानवीय कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे जनता के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।












