सिद्धार्थनगर के खेसरहा विकास खंड की ग्राम पंचायत बेलवालगुनही में स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत अभियान के तहत एक जन जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों ने जहां स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं ग्रामीणों ने गांव में नियमित सफाई न होने का मुद्दा उठाया। ग्राम प्रधान तुफैल अहमद ने बताया कि ग्राम पंचायत में लगभग एक वर्ष से कोई स्थायी या अस्थायी सफाईकर्मी तैनात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सफाईकर्मी की नियुक्ति होती भी है, तो उसका एक सप्ताह के भीतर ही अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया जाता है। इस स्थिति के कारण गांव में नालियों की सफाई, कूड़ा निस्तारण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। घनश्याम गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता, रामबेलस वर्मा, कृष्णदेव मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा, अमित कुमार मिश्रा और जावेद अहमद सहित अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी। उनका कहना था कि सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाईकर्मियों की कमी के कारण अभियान के उद्देश्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नियमित सफाई व्यवस्था न होने से स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि केशभान राय और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास कुमार चौधरी ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर मंदिर परिसर और सार्वजनिक स्थलों पर एक विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में स्थायी सफाईकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गांव की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। उनका कहना है कि केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से नहीं, बल्कि नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने से ही स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या के शीघ्र समाधान की अपील की है।
बेलवालगुनही में एक साल से नहीं सफाईकर्मी:स्वच्छता कार्यक्रम में ग्रामीणों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












