श्रावस्ती के बीआरसी सभागार इकौना में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण के द्वितीय चरण में खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने एनसीईआरटी (NCERT) पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्पष्ट भाषा और व्यवस्थित सामग्री जटिल विषयों तक आसान पहुंच प्रदान करती है। कुमार ने बताया कि प्रवेश परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सीधे प्रश्न अक्सर एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही आते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये पुस्तकें भारत भर के छात्रों के लिए सामग्री का एक समान स्रोत हैं, जिससे शैक्षिक असमानता को कम करने में मदद मिलती है। खंड शिक्षा अधिकारी ने आगे कहा कि एनसीईआरटी की पुस्तकें विभिन्न विषयों को समग्र रूप से कवर करती हैं, जो अंतःविषय ज्ञान को बढ़ावा देती हैं। सरकार द्वारा अनुमोदित होने के कारण, ये पुस्तकें निष्पक्ष और त्रुटिरहित होती हैं, जिससे वे यूपीएससी (UPSC) जैसे उम्मीदवारों के लिए जानकारी का एक विश्वसनीय स्रोत बन जाती हैं। इस अवसर पर एआरपी (ARP) पंकज शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की पुस्तकें लक्ष्मीकांत की राजनीति, स्पेक्ट्रम की आधुनिक इतिहास या रमेश सिंह की अर्थशास्त्र जैसी उच्च स्तरीय संदर्भ पुस्तकों तक पहुंचने का माध्यम हैं। एनसीईआरटी की मजबूत नींव के बिना, आवेदक इन उन्नत पुस्तकों की गहराई और संदर्भ को पूरी तरह से नहीं समझ पाएंगे। शुक्ला ने यह भी बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तकें संक्षिप्त, सस्ती (या पीडीएफ के रूप में मुफ्त उपलब्ध) हैं और इनमें एक व्यापक पाठ्यक्रम शामिल है। यह प्रारंभिक तैयारी के दौरान कई पाठ्यपुस्तकों पर निर्भरता को कम करके समय और लागत दोनों की बचत करती हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नंद कुमार मौर्य, अंकित सिंह, दुर्गेश राय, बच्चा सिंह, सौरभ रतन पांडे, अमिश कुशवाहा सहित कई अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
इकौना में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण में पुस्तकों पर हुई चर्चा:खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया NCERT किताबों का महत्व
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