गोरखपुर में अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरकर जान गंवाने वाले पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह के मामले में नया खुलासा हुआ है। उनकी मृत्यु से पहले उनके नाम पर छह अलग-अलग बैंकों से करीब 1.40 करोड़ रुपए का फर्जी लोन स्वीकृत कराया गया था। परमात्मा सिंह ने 4 अगस्त को गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। परमात्मा सिंह महराजगंज जिले के नौतनवा क्षेत्र स्थित रतनपुर पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे। अब उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के साथ फर्जी लोन का मामला भी जांच के केंद्र में आ गया है। होम लोन बंद कराने के नाम पर शुरू हुआ मामला परमात्मा सिंह की शिकायत के अनुसार, फरवरी 2026 में उनके सहकर्मी डॉ. दिलीप कुमार सिंह की रिश्तेदार गरिमा सिंह ने उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि गरिमा सिंह ने होम लोन बंद कराने के बहाने परमात्मा सिंह से पर्सनल लोन लेने की बात कही। इसके बाद उनके नाम पर छह अलग-अलग बैंकों में लोन के लिए आवेदन कराए गए। चिकित्सक का आरोप था कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की वास्तविक जानकारी नहीं थी और बाद में उनके नाम पर बड़ी रकम के लोन स्वीकृत होने का पता चला।
छह बैंकों से 1.40 करोड़ रुपए का लोन शिकायत में परमात्मा सिंह ने बताया था कि छह बैंकों से कुल 1,40,00,640 रुपए की लोन राशि स्वीकृत हुई थी। इसमें बंधन बैंक से 24,50,139 रुपए, चोला मंडलम से 19,32,202 रुपए, एसबीआई से 31,75,000 रुपए, एचडीएफसी से 29,92,130 रुपए, आईसीआईसीआई से 24,88,201 रुपए और एसएफएमजी से 9,62,968 रुपए शामिल थे। चिकित्सक ने शिकायत में इन लोन को फर्जी तरीके से स्वीकृत कराने का आरोप लगाया था। ओटीपी के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर हुई रकम शिकायत के मुताबिक, लोन की रकम ओटीपी के माध्यम से उनके खातों से गरिमा सिंह, मोहन सिंह, साधना मल्ल और श्रुति सिंह समेत अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई। परमात्मा सिंह ने विशाल यादव समेत अन्य लोगों पर भी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना एक साथ छह बैंकों से इतनी बड़ी रकम का लोन स्वीकृत होना संभव नहीं है।
परिवार को धमकी मिलने का भी किया था जिक्र परमात्मा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में परिवार को जान-माल की क्षति पहुंचाने की धमकी मिलने की बात भी कही थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मौत से एक दिन पहले भी ड्यूटी पर गए थे रतनपुर पशु चिकित्सालय के अधीक्षक अशोक यादव ने बताया कि परमात्मा सिंह अपने नाम पर हुए फर्जी लोन को लेकर कुछ समय से परेशान थे। घटना से एक दिन पहले भी वह विभागीय कार्य के सिलसिले में चकदह स्थित गौशाला गए थे और वहां अपना काम पूरा किया था। अगले दिन गोरखपुर में उनकी मौत की सूचना मिलने पर सहकर्मी स्तब्ध रह गए। अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने की घटना के बाद अब पुलिस उनकी मृत्यु के कारणों के साथ फर्जी लोन प्रकरण की भी जांच कर रही है। लोन से लेकर खातों तक पुलिस की जांच 4 अगस्त को दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस अब लोन की स्वीकृति प्रक्रिया, रकम के खातों में ट्रांसफर, ओटीपी के इस्तेमाल और आरोपित लोगों के आपसी संबंधों की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छह अलग-अलग बैंकों से इतनी बड़ी रकम किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुई और इसमें किसी बैंक कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
Maharajganj News, Maharajganj Hindi News, Maharajganj latest update, UP News, Maharajganj breaking news, MNT News Bharat Maharajganj, Maharajganj local news, Maharajganj crime news, Maharajganj politics, Uttar Pradesh Samachar, महराजगंज समाचार, महराजगंज आज की ताज़ा खबर, महराजगंज न्यूज़ अपडेट.##MNTNewsBharat, #MNTNews, #BreakingNews, #HindiNews, Maharajganj Update, #LatestNewsUP
पशुचिकित्सक के नाम 1.40 करोड़ का फर्जी लोन था:6 बैंकों से निकाला गया, गोरखपुर में अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरकर हुई थी मौत
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











