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सेरापुर गांव निवासी स्वर्गीय देवधर वैद की तीसरी पुण्यतिथि गुरुवार को मनाई गई। उनका निधन 30 अप्रैल 2023 को हुआ था। उनके पुत्र रामकृष्ण धर द्विवेदी ने बताया कि वैद जी ने क्षेत्र में एक कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक के साथ-साथ सक्रिय राजनेता और समाज सेवक के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। देवधर वैद ने जून 1955 में छावनी कस्बे में आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। क्षेत्र के लोग उन्हें आज भी ‘वैद जी’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने चिकित्सा के माध्यम से लोगों की सेवा की। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ, वैद जी राजनीति में भी सक्रिय रहे। उन्हें पहली बार न्याय पंचायत तुर्सी का निर्विरोध सरपंच चुना गया था। इसके बाद, उन्होंने सघन सहकारी समिति तुर्सी और खम्हरिया के सभापति का पदभार संभाला। वर्ष 1962 में वह जिला परिषद के सदस्य बने। 3 मार्च 1973 को उन्होंने पहली बार विक्रमजोत ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख का पद संभाला। 1975 में वह नवाबगंज गन्ना समिति के निदेशक बने। 29 मई 1983 को वह दूसरी बार विक्रमजोत के ब्लॉक प्रमुख चुने गए। हालांकि, 1988 के चुनाव में उन्हें कुछ मतों से हार का सामना करना पड़ा था। देवधर वैद ने 23 जनवरी 1996 को अपनी पुत्रवधू शारदा धर द्विवेदी को ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर बैठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उनके राजनीतिक प्रभाव का पता चलता है। स्वर्गीय देवधर वैद ने छावनी क्षेत्र में एक कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दीं और राजनीति तथा समाज सेवा से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर रमाकांत सिंह, पुरुषोत्तम धर द्विवेदी, गोपाल जी सोनी, राजीव धर द्विवेदी, पुष्पेंद्र धर द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण भट्ट सहित कई अन्य लोगों ने उन्हें याद किया।
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आयुर्वेदिक चिकित्सक देवधर वैद की तीसरी पुण्यतिथि:छावनी में राजनीति और समाज सेवा में रहे सक्रिय
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