रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।
मिठौरा (महराजगंज)।
निकटवर्ती जंगल से भटककर वन्य जीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को मिठौरा क्षेत्र के ग्राम सभा *बारवां सोनिया* में तीन हिरण जंगल से भटककर गांव की सीमा में दाखिल हो गए। कुत्तों के हमले से बचने के प्रयास में भागते समय एक हिरण की तालाब में गिरने से मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए अन्य दो हिरणों को सकुशल बचा लिया।


अफरा-तफरी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
हिरणों के गांव में दिखने ही हड़कंप मच गया। आवारा कुत्तों ने जब हिरणों को खदेड़ना शुरू किया, तो वे जान बचाने के लिए रिहायशी गलियों में दौड़ने लगे। इसी आपाधापी में एक हिरण गांव के पोखरे (तालाब) में जा गिरा, जहां दम घुटने से उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान सर्वेश सिंह की अगुवाई में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।
युवाओं ने घेराबंदी कर पकड़ा
वन विभाग की टीम के पहुंचने से पूर्व ही गांव के युवाओं ने सूझबूझ दिखाई। सद्दाम हुसैन, राहुल गुप्ता, रघुबर गौड़, जलील, रियाज और वाजिद अली सहित अन्य लोगों ने घेराबंदी कर शेष दो हिरणों को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को दोनों हिरण सौंप दिए गए।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव।
वन कर्मियों के अनुसार, सुरक्षित बचाए गए हिरणों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पुनः उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। मृत हिरण के शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।












