प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी करही-कुर्थिया सड़क बदहाल स्थिति में है। निर्माण के महज छह माह बाद ही इस पर जगह-जगह गड्ढे और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बांसी-बस्ती मार्ग (एलडी रोड) से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित यह करही-कुर्थिया मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह करही चौराहे को कुर्थिया, बैलोहा और आसपास के अन्य गांवों से जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी सड़क से होकर बाजार, विद्यालय, अस्पताल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क बनने से पहले लोगों को बांसी होकर लंबा सफर तय करना पड़ता था, लेकिन मार्ग के निर्माण के बाद यात्रा आसान हो गई थी। अब सड़क की बदहाली ने लोगों की मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं, जिससे उनका आवागमन बाधित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही इसमें दरारें पड़ने लगी थीं। निर्माण कंपनी द्वारा शुरुआती दौर में कुछ स्थानों पर मरम्मत कार्य कराया गया, लेकिन इसके बाद सड़क पर बने गड्ढों और अन्य खामियों की अनदेखी कर दी गई। परिणामस्वरूप, हल्की बारिश होते ही कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढों में जलभराव हो जाता है। यह सड़क ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की देखरेख में मेसर्स भारतराज यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 के अंत में निर्मित की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय निवासी रामलखन, शिवकुमार, हरिशंकर और रमेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क बदहाल:निर्माण के 6 माह बाद ही गड्ढे, जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
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