HomeHealth & Fitnessप्रशिक्षु अधिकारियों ने जाना अवध का इतिहास और सांस्कृतिक वैभव

प्रशिक्षु अधिकारियों ने जाना अवध का इतिहास और सांस्कृतिक वैभव

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की ओर से 107 राज्य सेवा प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए विशेष ‘लखनऊ दर्शन’ फैमिलियराइजेशन टूर (फैम ट्रिप) का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से परिचित कराना था, ताकि वे प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को नजदीक से समझ सकें।
 
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रशिक्षित गाइड के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु अधिकारियों ने रविवार सुबह ‘लखनऊ दर्शन’ प्रारंभ किया। इस विशेष भ्रमण की शुरुआत रेजीडेंसी से हुई, जहां प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियों को करीब से देखा। इसके बाद उन्होंने बड़ा इमामबाड़ा, भूलभुलैया और रूमी दरवाजा (रूमी गेट) का भ्रमण कर अवधकालीन स्थापत्य कला की भव्यता को देखा।
 
107 सदस्यीय दल ने लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख प्रतीकों- छोटा इमामबाड़ा, पिक्चर गैलरी तथा घंटाघर का भ्रमण किया। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को इन धरोहरों के स्थापत्य, सांस्कृतिक समृद्धि एवं ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया गया। भ्रमण के दौरान उन्होंने अवध की वास्तुकला और लखनऊ की गौरवशाली विरासत को नजदीक से अनुभव किया! अधिकारियों को लखनऊ की विशिष्ट एवं विश्व प्रसिद्ध खानपान संस्कृति से भी रूबरू कराया गया।
 
इस दौरान अधिकारियों ने अवधी व्यंजनों का स्वाद चखते हुए शहर की समृद्ध पाक परंपरा को जाना। इसके उपरांत दल ने कुकरैल पिकनिक स्पॉट का भी भ्रमण किया, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, जैव-विविधता तथा इको टूरिज्म की अपार संभावनाओं को निकटता से समझा। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों को लखनऊ के बहुआयामी पर्यटन स्वरूप और उसकी विशिष्ट पहचान को करीब से जानने का अवसर मिला।
 
पर्यटन स्थलों की समझ बढ़ाने में सहायक हैं फैम ट्रिप- मंत्री
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘फैम ट्रिप जैसे आयोजन पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और स्थानीय विशेषताओं को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, प्रदेश में विरासत, संस्कृति, अध्यात्म, प्रकृति और ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे भ्रमण राज्य सेवा प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रदेश की पर्यटन संपदा से परिचित कराने के साथ-साथ पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।’
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments