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बस्ती जिले के दुबौलिया क्षेत्र स्थित कुर्थिया गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन देकर आरोप लगाया है कि विभागीय कर्मचारियों ने भ्रामक जानकारी देकर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इससे बिजली बिलों में वृद्धि हुई है और बिजली आपूर्ति भी बार-बार बाधित हो रही है। अधिशाषी अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मीटर लगाते समय कर्मचारियों ने ₹10,000 जुर्माने का डर दिखाया था। हालांकि, इस संबंध में कोई लिखित आदेश या सरकारी अधिसूचना प्रस्तुत नहीं की गई। ग्रामीणों को यह भी आश्वासन दिया गया था कि स्मार्ट मीटर लगने से बिलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और उनके अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए ग्रामवासियों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने भविष्य में बिना पूर्व सूचना और लिखित अनुमति के किसी भी उपकरण को न लगाने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की भी मांग की है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि गलत सूचना, मानसिक पीड़ा और बिजली आपूर्ति में बाधा के कारण प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹25,000 का मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए 7 दिन की समयसीमा तय की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्राम प्रधान इरफान अहमद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने इस प्रकरण की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता, जिलाधिकारी, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण और विद्युत नियामक आयोग को भी भेजी है।
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स्मार्ट मीटर पर ग्रामीणों का विरोध:जबरन मीटर लगाने और बिल बढ़ने का आरोप, 7 दिन में समाधान की मांग
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