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बेटा अफसर बना तो पिता ने हाथी पर बैठाया:बस्ती में किसान ने 10 हजार में बुक किया, बोले- 10 साल की मेहनत रंग लाई

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बस्ती में किसान पिता ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) बनकर लौटे अपने बेटे का ग्रैंड वेलकम किया। उसे हाथी पर बैठाकर ढोल-नगाड़ों के साथ घर लाए। इस दौरान गांव के लोग रास्ते में बेटे के स्वागत के लिए खड़े रहे। जुलूस में आगे बैंड-बाजा चल रहा था और पीछे गांववालों की भीड़। हाथी पर सवार VDO को गांववालों ने तालियां बजाकर बधाई दी। इसके बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। इस हाथी को 10 हजार रुपए में बुक किया गया था। स्वागत के बाद पूरे गांव में मिठाई बांटी गई। मामला बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र का है। पहले 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए पूरा मामला केशवपुर गांव में रहने वाले महेंद्र कुमार पांडे किसान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा 2 बेटियां अन्नू, अंजू और 3 बेटे अनूप, अवनीश व आशीष हैं। इनमें अवनीश (28) चौथे नंबर पर हैं। अवनीश दिल्ली में रहकर करीब 10 साल से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। एक महीने पहले उनका सिलेक्शन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पद पर हुआ। यह खबर जैसे ही महेंद्र को मिली, तो वो खुशी से झूम उठे। उन्होंने बेटे के ग्रैंड वेलकम की तैयारी की। शुक्रवार (21 अगस्त) को अवनीश पांडे पहले ट्रेन से लखनऊ पहुंचे। फिर वहां से कार से शाम को बस्ती अपने गांव पहुंचे। गांव के प्रवेश द्वार पर ही महेंद्र बेटे का स्वागत करने के लिए परिवार के साथ हाथी और बैंड-बाजा लेकर खड़े थे। बेटे के आते ही उन्होंने उसकी पीठ थपथपाई, फिर उसे हाथी पर बैठाया। करीब एक किमी तक हाथी पर बैंड-बाजों की धुन पर नाचते हुए पूरे गांव में घूमे। कई बार असफल हुए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी अवनीश पांडे कक्षा-8 तक हर्रैया के गजाधर सिंह विद्यालय में पढ़े। इसके बाद उन्होंने राम कुमार विक्रम सिंह इंटर कॉलेज से इंटर पास किया। इसके बाद अवनीश ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन किया। फिर दिल्ली के मुखर्जी नगर चले गए। वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे। इस दौरान उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा। लेकिन, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत जारी रखी। हर शुभ काम में घर का हाथी बनता है हिस्सा अवनीश की सफलता पर हाथी से जुलूस निकालने की वजह भी खास है। परिवार के पास पहले हाथी पला था। इसीलिए परिवार घर में होने वाले शुभ कार्यों में हाथी का इस्तेमाल करता है। अभी परिवार के पास हाथी नहीं है, इसलिए अवनीश के पिता ने बेटे का स्वागत करने के लिए 10 हजार रुपए किराए पर हाथी मंगवाया। फिर बेटे को हाथी पर बैठाकर घर लेकर आए। इसके बाद परिवारवालों ने लड्डू बनवाकर गांव भर में लोगों को खिलाया और बेटे की सफलता की खुशी साझा की। ————————— ये खबर भी पढ़ें- अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए, ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी ‘राममंदिर में दर्शन हो जाएंगे। मजिस्ट्रेट साहब के यहां से प्रोटोकॉल जारी करा देंगे, फिर दरोगा खुद ले जाएगा और दर्शन कराएगा।’ यह कहना है अयोध्या में राममंदिर के बाहर दर्शन कराने वाले दलाल शुभम दुबे का। यह पैसे लेकर दर्शन कराने वाले गिरोह में शामिल है। चार्ज है- 7300 रुपए। जबकि, राममंदिर में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
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