कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में लगातार केंद्र सरकार को घेरने में जुटे हैं। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहा है? पीएम मोदी ने चुप्पी क्यों साध रखी है, बार-बार पेपर लीक के बावजूद शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है?
बता दें कि 3 मई को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित की गई थी। बाद में खुलासा हुआ कि पेपर सोशल मीडिया पर पहले ही लीक हो चुका है। सरकार ने परीक्षा रद्द करके नई तारीख का ऐलान किया। अब पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। राजस्थान और महाराष्ट्र से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कोई पहली बार नहीं जब नीट का पेपर लीक हुआ है। इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक प्रकरण सामने आया था।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर नीट 2024 और नीट 2026 का जिक्र किया और बताया कि दोनों में एक जैसा ही पैटर्न अपनाया गया। उन्होंने लिखा, ‘NEET 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई ने जांच बिठाई। एक कमेटी बनी। NEET 2026: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जांच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी।’
राहुल गांधी ने आगे लिखा, ‘मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है- जवाब दो! बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? बार-बार इस ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर आप चुप क्यों हैं? बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं?’
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एनटीए से जुड़े सरकारी कर्मचारी की भूमिका की जांच
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े एक सरकारी कर्मचारी की भूमिका की जांच कर रही है। सीबीआई का आरोप है कि मनीषा संजय वाघमारे ने एक एनटीए से जुड़े एक कर्मचारी के साथ मिलकर 27 अप्रैल को प्रश्नपत्र और उत्तर प्राप्त किए थे। मनीषा वाघमारे ने जीव विज्ञान की प्रवक्ता मनीषा मंधारे के जरिये पीवी कुलकर्णी से पहचान बनाई। इसके बाद कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे को प्रश्नपत्र दिए। बाद में आरोपी धनंजय लोखंडे और अन्य को पैसे के बदले में पेपर उपलब्ध कराए गए थे।












