श्रावस्ती जनपद के सिरसिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर बाजार स्थित जामियां रजविया गौस-उल-उलूम में सोमवार रात जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जलसा आयोजित किया गया। यह आयोजन 12 रबी उल अव्वल के मुबारक मौके पर हुआ। इसमें आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। नात-ओ-मनकबत और उलेमा-ए-किराम की तकरीरों से महफिल का माहौल आध्यात्मिक बना रहा। जलसे में उलेमा-ए-किराम ने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत-ए-मुस्तफा और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उलेमा ने बताया कि पैगंबर की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए रहमत, मोहब्बत, भाईचारे, अमन और सही रास्ते पर चलने की मिसाल है। उनकी शिक्षाओं का पालन कर व्यक्ति अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकता है और समाज में आपसी प्रेम व शांति को मजबूत कर सकता है। इस आध्यात्मिक माहौल के बीच शायर-ए-इस्लाम और नातख्वानों ने नात-ए-पाक और मनकबत प्रस्तुत की। नातख्वानों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों से महफिल का वातावरण और अधिक आध्यात्मिक हो गया। उपस्थित अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ नात-ए-पाक सुनी और उलेमा-ए-किराम की तकरीरों से पैगंबर की शिक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। जलसे में खुशी मुकर्री मुजीबुर्रहमान बाराबंकी, मौलाना खुर्शीद अहमद, कारी गुलाम जिलानी, उस्तादुस सोहरा समी बहराइची, इरशाद राजा नेपाली, मौलाना मेराज अहमद, जेरे निजामत रियाजुद्दीन, हाफिज गुलाम सरवर और मौलाना अतिकुर रहमान सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। क्षेत्र के युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस जलसे में शामिल हुए। मदरसा कमेटी ने जलसे के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे, ताकि दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंदों को कोई परेशानी न हो। आयोजकों के अनुसार, यह जलसा देर रात तक चला। इस आयोजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र में आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश प्रसारित हुआ।
श्रावस्ती के लक्ष्मनपुर बाजार में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जलसा:नात-ओ-मनकबत और सीरत-ए-मुस्तफा की तकरीरों से गूंजा माहौल
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