श्रावस्ती में एक आपराधिक मानव वध और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी को सात साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।पुलिस विभाग ने मंगलवार को शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय, श्रावस्ती ने अभियुक्त छोटकऊ उर्फ राजेश वर्मा को दोषी ठहराया। मामला कोतवाली भिनगा क्षेत्र से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली भिनगा में दर्ज मु0अ0सं0 145/2024, धारा 304 भादवि के तहत बहादुरपुर निवासी छोटकऊ उर्फ राजेश वर्मा पर वादी की बहन की हत्या करने और घटना से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने का आरोप था। दरअसल ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंभीर और चिन्हित आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को न्यायालय से जल्द सजा दिलवाना है। आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने महत्वपूर्ण एवं चिन्हित अभियोगों का स्वयं पर्यवेक्षण किया। संबंधित थाना प्रभारियों और कोर्ट पैरोकारों को मुकदमों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने अभियुक्त छोटकऊ उर्फ राजेश वर्मा को दोषी पाया। न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पुलिस विभाग ने इस न्यायिक फैसले को ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत की जा रही प्रभावी पैरवी की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के तहत गंभीर अपराधों में आरोपित अभियुक्तों के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसका लक्ष्य मजबूत पैरवी के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना सुनिश्चित करना है।
साक्ष्य मिटाने के दोषी को सात साल की सजा:20 हजार अर्थदंड भी लगा, बहन की हत्या की थी
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