Chhath Puja 2023 : छठ पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, छठी मैया हो जाएंगी नाराज

112

नहाय-खाय के साथ आज से शुरु हुआ छठ का महापर्व (Chhath Puja)। चार दिन के छठ पर्व में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। यह ज्यादातर बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। छठ व्रत एक कठिन तपस्या की तरह है। ऐसे में कुछ ख़ास बातों का आपको ध्यान रखना चाहिए जिससे पूजा के दौरान भूल कर भी कोई गलती ना हो। तो चलिए आपको बताते हैं व्रत के दौरान किन – किन बातों का ध्यान रखें।

बांस की टोकरी में रखें प्रसाद

छठ पूजा के प्रसाद और पूजा सामाग्री को हमेशा बांस की टोकरी में ही रखना चाहिए। बांस को शुद्ध माना जाता है इसलिए कभी भी पीतल, स्टील या तांबें के बर्तनों का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करें।

Also read: “>Chhath Puja 2023: 17 नवंबर से शुरू हो रहा है छठ पर्व, जानिए नहाय खाय, सूर्य पूजन व अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त

प्रसाद में नारियल रखना ना भूलें

इस महापर्व में नारियल का बहुत महत्व है ऐसे में आप जब भी प्रसाद के लिए फल खरीदें उसमें नारियल जरूर रखें।

साफ -सफाई का ध्यान रखें

छठ पर्व का प्रसाद बनाते समय आपको साफ – सफाई का बहुत ध्यान रखना होगा।

लहसुन और प्याज का इस्तेमाल ना करें

व्रत के दौरान कभी भी नमक,लहसुन और प्याज का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए। इस दौरान घर में सबको शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहिए।

फर्श पर सोना चाहिए

छठ का व्रत करने वाली महिलाओं को पलंग और गद्दा पर नहीं सोना चाहिए । छठ पूजा के चारों दिन महिलाओं को जमीन पर आसन बिछाकर सोना चाहिए।

प्रसाद को चखने की कोशिश ना करें

कई बार महिलाएं शुद्ध प्रसाद तो बनाती हैं लेकिन जाने – अनजाने उसे चख लेती हैं, तो उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए। छठ का पूजा प्रसाद बेहद पवित्र होता है इसलिए इसे झूठ ना करें।

अर्घ्य देने से पहले कुछ ना खाएं

सूर्य को अर्घ्य देने से पहले जल या भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना गया है।

Also Read: Health Tips: शरीर के लिए बेहद जरुरी है फाइबर, पेट-दिमाग और आंतों की समस्या से दिलाता है निजात

मिट्टी के बर्तन से दें अर्घ्य

सूर्य को अर्घ्य देने वाले पात्र का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। सूर्य को कभी भी चांदी, स्टील, शीशा व प्लास्टिक के बने बर्तनों से अर्घ्य नहीं देना चाहिए।

प्रसाद बनाने से पहले स्नान करना ना भूलें

छठ पूजा का प्रसाद बनाने से पहले स्नान करना नहीं भूलना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन प्रसाद बनाने से पहले स्नान कर लेना चाहिए।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )