गिलौला विकास खंड क्षेत्र में रामगढ़ी गांव के मजरा गौहनिया में सड़क का अधूरा निर्माण ग्रामीणों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। राप्ती नदी पर सिसवारा घाट पुल बनने के बाद यह मार्ग जिला मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता बन चुका है, लेकिन करीब 150 मीटर सड़क अब भी कच्ची होने से बारिश में दलदल में बदल गई है। बारिश के बाद सड़क पर न तो डामर बिछाया गया है और न ही खड़ंजा या इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक लगातार फिसलकर गिर रहे हैं। कई लोगों को बाइक पैदल खींचकर निकालनी पड़ रही है, जबकि कुछ वाहन कीचड़ में धंस जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद से अब तक सैकड़ों लोग इस रास्ते पर गिर चुके हैं। हालत यह है कि गांव के लोग सड़क किनारे खड़े होकर राहगीरों को संभालने और उन्हें सुरक्षित पक्की सड़क तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। स्थानीय निवासी सोनू ने बताया कि बारिश के बाद दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कीचड़ में फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो जाता है। परमेश्वर वर्मा ने कहा कि पुल बनने के बाद यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण हो गया है और दूर-दराज के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति से सभी परेशान हैं। विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर पुल का निर्माण कराया, लेकिन महज 100 से 150 मीटर सड़क पक्की न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस छोटे हिस्से को भी पक्का करा दिया जाए, तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। ग्रामीण कर्ताराम, कंधई लाल समेत अन्य लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग अब केवल गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन चुका है।
गिलौला में 150 मीटर की कच्ची सड़क बनी मुसीबत:कीचड़ में धंस रहे वाहन, राहगीरों को ग्रामीण दे रहे सहारा
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